इस राज्य में लगातार बढ़ रहा BJP नेताओं में रोष
देश में कम ही ऐसा होता है कि बीजेपी के नेता , कार्यकर्ता किसी राज्य की सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरते हैं क्योंकि ज्यादातर राज्यों में बीजेपी की सरकारें हैं या उसके सहयोग से चल रही है पर जम्मू-कश्मीर में चल रही नेशनल कांफ्रेंस की सरकार के खिलाफ बीजेपी लगातार प्रदर्शन करती रही है , सोमवार को बीजेपी के साथ आम लोगों ने भी सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ गुस्सा दिखाया , ये सभी सड़कों पर उतरे और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के इस्तीफे की मांग की। लोगों के साथ बीजेपी नेताओं ने राज्य में लगातार बढ़ती बिजली कटौती और बेरोजगारी का मुद्दा उठाया आरोप है कि सरकार ने अपने चुनावी वादे पूरे नहीं किए हैं और जनता बहुत परेशान है। आपको बता दे कि जम्मू कश्मीर में नैशनल कांफ्रेंस ने कांग्रेस के साथ मिलकर गठबंधन सरकार बनाई थी और चुनाव के दौरान राज्य के विकास के लिए बहुत से वादे किए थे पर अब लगातार जब वो वादे पूरे नहीं हो रहे हैं तो यहां लोगों में सरकार के खिलाफ गुस्सा बढ़ रहा है।
चाणक्य क्यों चाहते तमिलनाडु के कद्दावर नेता को दिल्ली में
तमिलनाडू बीजेपी के कद्दावर नेता रहे अन्नामलाई ने बीजेपी छोड़ने के बाद पहली बार बताया कि बीजेपी चाणक्य ने उन्हें बीजेपी में रोकने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन उन्हें तमिलनाडू में रहकर यहां के लोगों के लिए काम करना था, जी हां अन्नामलाई ने बताया कि अमित शाह ने उन्हें दिल्ली में कोई बड़ी भूमिका निभाने को कहा था, लेकिन मैने इस आफर के लिए मना कर दिया क्योंकि मेरा लक्षय तमिलनाडु में ही रहना था और वो ही मेरे लिए सही था। जैसा कि सबको पता है कि अन्नामलाई ने अपनी वी द लीडर्स के संस्था बनाई है और लग रहा कि वो भी विजय थलपति की भांति लोगों के बीच में काम करके अपनी पैठ बनाना चाहते हैं और अन्नामलाई उम्र में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय थलपति से छोटे हैं। चेन्नई में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में अन्नामलाई ने पहली बार अमित शाह और अपने बीच हुई बातचीत को लेकर किया खुलासा , उन्होंने यह भी कहा कि विजय थलपति ने नई बनी सरकार बनाई है तो एक साल का रियायती समय दिया जाना सही है, अगर सरकार ठीक नहीं चली तो हम गिरा देंगे। आपको बता दें कि तमिलनाडू द्रविड़ राजनीति का गढ़ माना जाता रहा है पर विजय थलपति की जीत ने इस राजनीती में छेद कर दिया है और अब अन्नामलाई भी कट्टर हिंदुत्व की विचारधारा को छोड़कर सर्वसमाज की विचारधारा को अपनाकर साल 2031 में यहां होने वाले चुनाव में बड़ी ताकत बनकर सामने आना चाहते हैं।
