Bihar- तेजस्वी यादव से किसने बदला ले लिया
बिहार में विधानसभा चलती है तो कोई दिन ऐसा नहीं जाता कि हंगामा ना हो या किसी बात पर वाद-विवाद ना हो, अभी कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राबडी देवी के ई लडकी कहकर संबोधित किया तो rjd नेताओं ने खूब हंगामा काटा, तेजस्वी यादव ने माफी की मांग करके बहिष्कार भी किया, अब एक बयान पर लोकजनशक्ति पार्टी के नेता rjd पर माफी मांगने का दबाव बना रहे हैं, दरअसल हाल ही में विधानसभा में rjd के विधायक कुमार सर्वजीत ने लोकजनशक्ति पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान की प्रतिमा विधानसभा परिसर में लगाने की मांग की और तब बातों बातों में अपने संबोधन में रामविलास पासवान को बेचारा कह कर बुला दिया, बस फिर क्या था इसपर कईं नेता भड़क गए और लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के नेताओं और विधायकों ने rjd के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और धरना पर बैठ गए। नेताओं ने आरोप लगाया कि rjd की राजनीतिक दलित विरोधी रही है और दलित नेताओं का अपमान करने का कोई मौका नहीं छोड़ती। नेताओं ने चेतावनी दे रखी है कि यदि rjd की ओर से इसपर कोई सफाई या माफी नहीं आती है तो वो अपन आंदोलन तेज करेंगे, वैसे चर्चाएं यही चल रही हैं कि rjd को सबक सिखाने के लिए इस मुद्दे को जरूरत से ज्यादा उछाल दिया गया। फिलहाल इस मुद्दे पर नीतीश सरकार और विपक्ष में बैठे दलों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।
Rahul Gandhi संसद ठप कराएं उऩके नेता पार्टी ठप कराने की राह पर

चर्चाओं का बाजार गर्म है कि राहुल गांधी को संसद में कुछ हंगामा करने की बजाय , संसद ठप करवाने की बजाय सीरिसयली अपनी पार्टी यानी कांग्रेस पर ध्यान देना चाहिए, नहीं तो कांग्रेस के अंदर ही अंदर जो घमासान चल रहा है इसके चलते वो दिन दूर नहीं जब कांग्रेस ही ठप होकर बैठ जाएगी। जी हां इस समय कांग्रेस में हालात कुछ ऐसे बने हुए हैं कि असम से केरल तक नेताओं की खींचतान, विवाद सामने आ रहा है। आने वाले समय में चार राज्यों में चुनाव होने वाला है और हर राज्य में कांग्रेस में सियासी उथल-पुथल मची हुई है। जी हां शुरूआत करें आसाम से तो वहां प्रियंका गांधी को टिकट बांटने में प्रभारी बनाकर भेजा गया है , कांग्रेस वहां दोबारा अपना किला मजबूत करने की कोशिश कर रही है पर अचानक ही असम कांग्रेस के सीनियर नेता भूपेन कुमार बोरा ने पार्टी से इस्तीफा देकर सबको सकते में डाल दिया, आपको बता दें बोरा 2021 से 2025 तक असम कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष थे पर पिछले साल उनकी जगह गौरव गोगोई को यह कमान सौंप दी गई। इससे बोरा नाराज चल रहे थे , पर काफी मनाने पर हालांकि उन्होंने अपना इस्तीफा तो वापस ले लिया पर जगजाहिर हो गया कि अंदर ही अंदर आपसी बगावत पनप रही है। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के अपने कद्दावर , अनुभवी नेता मणिशंकर अय्यर ने अपने एक बयान में साफ कह दिया कि कांग्रेस यहां चुनाव नहीं जीत सकती क्योंकि नेता आपस में ही बंटे हैं, यही नहीं उन्होंने कांग्रेस के चुनाव विरोधी लेफ्ट पार्टी के मुख्यमंत्री विजयन को ही टाप नेता बता दिया और उनकी जीत की भविष्यवाणी भी कर डाली। वहीं तमिलनाडु में भी चुनाव आने वाले हैं और वहां भी कांग्रेस डीएमके साथ सीट शेयरिंग को लेकर खींचतान कर रही है, वहीं मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने पावर-शेयरिंग से भी साफ इनकार कर दिया है, इससे कांग्रेस को और सदमा पहुंचा है, और इन सब के बीच पशिचम बंगाल में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला कर चुकी कांग्रेस को एक करारा झटका लगा जब भूतपूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सलाहकार रहे संजय बारू ने ममता बनर्जी को इंडि गठबंधन का नेता बनाने की हिमायत दे डाली , चर्चा यही है कि इन सब संकट को नजरअंदाज करके राहुल गांधी संसद में अपना ही राग गाने में लगे हुए हैं।
