Rahul Gandhi नाराज — कद्दावर नेता मणिशंकर अय्यर का दोबारा निलंबन क्या तय है

लगता है कांग्रेस के कद्दावर नेता मणिशंकर अय्यर एक फिर अपने निलंबन के लिए रास्ते बना रहे हैं, जी हां जिस तरह से उन्होंने केरल चुनाव को लेकर कांग्रेस के कद्दावर नेताओं और सबसे बड़ी बात राहुल गांघी के चहेते जयराम रमेश और पवन खेड़ा को घेरा है, कोई बड़ी बात नहीं होगी की राहुल गांधी उनको एक बार फिर पार्टी से निलंबित कर दें।

Rahul Gandhi के लिए नियम कुछ अलग हैं क्या नेताओं की उठी आवाज


वैसे साल 2017 में भी राहुल गांधी के आदेश पर मणिशंकर अय्यर को पार्टी से निलंबित कर दिया गया था क्योंकि उन्होंने गुजरात चुनाव के दौरान 7 दिसंबर 2017 को मोदी जी को लेकर टिप्पणी की थी, उन्हें गंदा और नीच बताया था, बात इतनी बढ़ी, जबरदस्त रोष हुआ, गुजरात में हंगामा हुआ और विवाद बढ़ने के बाद राहुल गांधी को ना केवल इस बयान की निंदा करनी इसके बाद कांग्रेस ने मणिशंकर अय्यर को कारण बताओ नोटिस जारी कर प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया था। वैसे 2018 में वह निलंबन को वापस ले लिया। लेकिन इस मामले के बाद राहुल गांधी के दोहरे चरित्र की भी बहुत चर्चा होने लगी क्योंकि ये वहीं राहुल गांधी हैं जो कोई मौका नहीं छोड़ते हैं प्रधानमंत्री का अपमानित करने का और चौकीदार चोर से लेकर उन्होंने PM के लिए ना जाने कितनी बार गलत भाषा का प्रयोग किया, देश भर में तो निंदा हुई और कोर्ट तक में राहुल गांधी को माफी मांगनी पड़ी। इसलिए चर्चाएं लगातार चलती रहती हैं कि राहुल किसी नियम के दायरे में नहीं आते हैं, वो सब कुछ करने के लिए आजाद हैं।

 

कांग्रेस के कद्दावर नेता को केरल में कांग्रेस की हार पक्की लग रही

आज लगता है एक बार फिर मणिशंकर अय्यर पर राहुल का गुस्सा फूट सकता है और ये स्वाभाविक भी है क्योंकि अय्यर जी ने ना केवल राहुल के चहेते नेताओं पर टिप्पणी कर दी बल्कि कांग्रेस में चल रही गुटबाजी की भी पोल खोल कर रख दी कांग्रेस में चल रहे तमाम विवाद को सरेआम गा दिया और ऐसे में अय्यर को निलंबित करने के लिए राहुल पर कोई दबाव नहीं बल्कि अगर वो सचमुच ऐसा करते हैं तो नाराज होकर ही ऐसा करेंगे। पिछले बहुत सालों से मणिशंकर अय्यर को कांग्रेस ने बिल्कुल साइड लाइन किया हुआ है और ऐसे में वो बिल्कुल जले बैठे हैं तभी तो उन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू में साफ कह दिया कि कांग्रेस केरल का चुनाव नहीं जीत सकती क्योंकि पार्टी के नेता कम्युनिस्टों से ज्यादा एक-दूसरे से नफरत करते हैं, वो बंटे हुए हैं, उन्होंने केरल के CM पिनाराई विजयन की भी तारीफ कर दी, और भविष्यवाणी कर डाली कि आने वाले चुनावों में भी लेफ्ट के नेता टॉप पोस्ट पर बने रहेंगे। जाहिर सी बात है मणिशंकर जब इस तरह के बयान देंगे तो राहुल गांधी का नाराज होना लाजिमी है क्योंकि कांग्रेस केरल में उनके खिलाफ ही लड़ रही है और राहुल कई बार उनके कामकाज पर सवाल उठा चुके हैं।
पवन खेड़ा और जयराम रमेश क्या Congress की कठपुतली हैं मणिशंकर यहां भी नहीं रूके और राहुल के चहेते , पवन खेड़ा और जयराम रमेश के बारे में कईं विवादित बातें कह डाली, उन्हे खुलेआम अपमानित कर दिया , हालांकि अय्यर ने शशि थरूर की भी बुराई की और कहा कि वो विदेश मंत्री बनने का सपना देखते हैं, लेकिन इससे राहुल गांधी या कांग्रेस को शायद ही कोई फर्क पड़े, क्योंकि वो राहुल के साथ कांग्रेस की भी हिट लेस्ट में है तो उनकी बुराई पर शायद ही किसी को को फर्क पड़े। मणिशंकर अय्यर ने राहुल के सबसे ज्यादा चहेते नेता पवन खेड़ा को सबसे ज्यादा लताडा है और कह दिया कि वो तो बस कठपुतली हैं, अब कठपुतली शब्द का इस्तेमाल का ही मतलब है कि पवन खेड़ा अपने आप तो कुछ काम नहीं करते बस बास की गुलामी कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने जयराम रमेश को भी नहीं बख्शा और कहा कि कांग्रेस के संचार प्रमुख जयराम रमेश को तो अपनी नौकरी बचानी है।अब जाहिर है जयराम रमेश वहीं करते हैं जो राहुल गांधी चाहते हैं तो वो अपना पद बचाए हुए हैं। कुल मिलाकर केरल में कांग्रेस की स्थित बहुत खराब हो गई है पहले से ही शशि थरूर बागी नेता के रूप में खड़े थे, उन्हें मनाया तो अब मणिशंकर अय्यर ने पूरा खेला कर दिया। देखना यही है कि इतना बड़ा खेला करने के बाद मणिशंकर अय्यर पर कोई गाज गिरती है या नहीं , क्योंकि पवन खेड़ा तो पहले ही साफ कर चुके हैं कि मणिशंकर अय्यर का कांग्रेस से कुछ लेना देना नहीं है।

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