दवाईयों को हरे रंग के Box में रखना फायदेमंद

घर में दवाइयों के भंडार लगातार बढ़ रहे हैं, पर उन्हें कैसे खरीदें , किस दिशा में रखें जिससे घर से दवाईयों बाहर ही रहें मतलब आप ज्यादा बीमार ना पढ़ें। तो वास्तु में दवाइयों की दिशा जानना बहुत जरूरी है, अकसर यही देखा गया है कि ज्यादातर अपनी कन्वीनियंस के हिसाब से हम सब जहां सोते हैं बिल्कुल साइड टेबल पर दवाइयां रखी होती हैं। या डाइनिंग टेबल पर रखी होती है या किचन में रखी होती हैं। यदि हम माने वास्तु को मानते हैं तो क्योंकि घर-घर बीमारी है और घर प्रत्येक सदस्य ही कोई ना कोई किसी ना किसी बीमारी से पीड़ित है और दवाइयां खा रहा है तो दवाइयों की सही दिशा भी हमारी कई बारी बीमारी को ठीक होने में मदद करती है। तो वास्तु के हिसाब से यदि हम दवाइयों को गलत दिशा में रख रहे हैं तो हमारी दवाइयों के ऊपर निर्भरता एक तरह से देखा जाए तो हमारा जीवन ही दवाइयों के ऊपर डिपेंडेंट हो जाता है। देखिए एक बढ़ती उम्र के साथ यदि दवाइयां हमारे को खानी पड़ जाती हैं. हम अपनी दवाइयों को किस दिशा में रखें ताकि हमारे को दवाइयां जल्दी असर करें और धीरे-धीरे वह कम होने के साथ-साथ हमारे जीवन से समाप्त भी हो जाए। दवाइयां हम डॉक्टर के कहने के हिसाब से ही लें और डॉक्टर के कहने पर ही छोड़ें। तो यदि हम अपने बेडरूम में ही सबसे ज्यादा दवाइयां बिल्कुल सामने रखते हैं तो देखिए आते-जाते नजर दवाइयों पर जरूर पड़ती है। तो जैसे कहते हैं ना जहां फोकस वहीं पे ऊर्जा जाती है। तो जब दवाइयों पे बार-बार नजर जाएगी तो इसका मतलब हमारे मन में एक विचार चलता रहता है कि मैं तो बीमार हूं। मेरे को तो दवाई इस टाइम खानी है, इस टाइम खानी है। जैसे रोटी से ज्यादा हमारी अहमियत मेडिसिन के ऊपर हो जाती है। तो वो बेडरूम में यदि आपको दवाई रखनी ही है तो आप दवाई को अपने ऐसे स्थान पर रखें जो आपको आसानी से मिल जाएं पर हो दिखाई ना दें।
South West में दवाईयों कभी ना रखें

साथ ही उतन दवाई रखें जितनी आपको जरूरत है। दो दिन की दवाइयां रख लें जो आप हम बल्क में लाके दवाइयां रख लेते हैं। यदि लगातार ले रहे हैं तो हम बल्क में लाके रखते हैं और वहीं पे रखे रखते हैं तो होता क्या है कि वो दवाइयां हमारे घर से निकलती ही नहीं है। यदि हम दवाइयों को अपने घर के साउथवेस्ट में रखते हैं। साउथवेस्ट का मतलब स्टेबिलिटी होती है। साउथवेस्ट पोजीशन हमारे को स्टेबिलिटी देती है। तो वह एक तरह से यह माने कि यदि हम साउथ वेस्ट पे दवाई रखते हैं तो वह एक परमानेंट जगह बन जाती है हमारी दवाइयों के लिए। तो इसलिए और दवाइयां खानी हमारी कभी खत्म होती ही नहीं है। हम हमारी दवाइयां चलती ही रहती है और बढ़ती जाती हैं।
South East में भी क्यों ना रखें दवाइयां
यदि हम अपनी दवाई साउथ ईस्ट में रखते हैं तो साउथ ईस्ट में एक गर्मी के कारण जैसे कहते हैं ना कि और हीट उसके अंदर बढ़ जाती है। ऐसा देखा गया है कि कई बारी हमारे को दवाइयां नुकसान उसके साइड इफेक्ट्स भी होने लगते हैं। तो सबसे ज्यादा जो बेस्ट पोजीशन हम मानते हैं दवाई रखने की वह मानते हैं या तो नॉर्थ में नॉर्थ नॉर्थ ईस्ट में या ईस्ट में क्योंकि सबसे अच्छी जो हमारी पोजीशन होती है दवाई रखने की ईस्ट। हेल्थ को इंप्रूव करने की भी हमारी जो डायरेक्शन होती है वो ईस्ट। यदि कोई इंसान आपके घर में बहुत ज्यादा बीमार है, क्रॉनिक है, तो आप उसका रूम शिफ्ट कर सकते हैं ईस्ट में और उसकी मेडिसिंस को भी आप ईस्ट में रखेंगे
East दिशा को रिकवरी जोन माना जाता है इसलिए दवाइयां वहीं होनी चाहिए
जो ईस्ट ज़ोन है, हमारा फास्ट रिकवरी का ज़ोन है। यह हमारे को अच्छी हेल्थ और वाइटिलेटिटी देता है। तो, इस हिसाब से हम लोगों को दवाइयों का जो प्लेसमेंट है रखना चाहिए। और यदि हम अपनी दवाइयों को ग्रीन कंटेनर में रखें तो वह और अच्छे रिजल्ट्स देते हैं। कहीं ना कहीं क्योंकि कुछ ना कुछ दवाइयां डायरेक्शंसकलर्स मैटर करते हैं। यदि हम दवाइयों को कहना चाहिए कि यदि हम दवाइयों को साउथवेस्ट में रखते हैं और आपका साउथ वेस्ट में ब्लू कलर है तो जब एंटी कलर हो जाता है तो ऐसे में भी आपको हेल्थ की समस्या आती है। तो देखिए दवाई और बीमारी दोनों का एक कंसर्न है। यदि हमारा साउथ वेस्ट में कलर उसके एलिमेंट से अपोजिट है ,तो भी हम बीमारियों को फेस कर सकते हैं
दवाइयों को हरे Box में रखें अच्छा रिजल्ट देंगी
नॉर्थ ईस्ट में भी यदि हमने रेड कलर लगा रखा है तो भी हम बीमारी को अट्रैक्ट करते हैं। ईस्ट में यदि हमारा क्लटर है बहुत ज्यादा गंदगी है। हम सामान वहां से हटा के रोज सफाई नहीं कर सकते हैं। भारी सामान रख रहा है तो भी वह हमारे को बीमारियां देता है। ईस्ट यदि हमारा गड़बड़ है तो ऐसा देखा गया है आइज रिलेटेड प्रॉब्लम्स ज्यादा आती हैं और हमारे को यदि हम नॉर्थ को भी क्लीन नहीं रखते हैं तो ऐसा पाया जाता है कि नॉर्थ में गंदगी होने से मेडिकल पर हमारा ज्यादा खर्चा होता है। तो इस प्रकार से यह कुछ डायरेक्शंस है जिस पर रख के आप अपन बीमारियों को जल्दी ठीक कर सकते हैं।
