Bihar -जिसे हरा नहीं पाई शत्रुघन सिन्हा की लोकप्रियता- लालू और नीतीश उसका क्या बिगाडेंगे प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर के मन में क्या चल रहा है किसी को पता नहीं पर पहले जिस तरह जनता से लेकर नेता तक उन्हें सीरयसली लेते थे , उनका सम्मान करते थे, राजनीतिक गुरू मानते थे, पर जब से वो खुद राजनीति में अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रहे हैं और उन्हें असफलता पर असफलता मिल रही है और उनके प्रति सभी का नजरिया बदला है और उसके पीछे वजह भी है, जी हां हाल ही में प्रशांत ने फिर एक अजीबोगरीब बयान दिया कि उनकी पार्टी बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में मजबूती से लड़ेगी और भाजपा को उसके गढ़ में घुस कर हराएगी, जैसा कि सबको पता है कि ये वही प्रशांत किशोर हैं जो बिहार में कुछ खास नहीं कर पा रहे और पिछले चुनाव में तो 238 में से 236 सीटों पर उनकी पार्टी की जमानत जब्त हो गयी थी, अब जब वो बांकीपुर जीतने की बात करते हैं तो अजीब ही लगता है क्योंकि जब से बांकीपुर सीट अस्तित्व में आयी। यहां हुए सभी चार चुनावों में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने शानदार जीत दर्ज की। यही नहीं उन्हें हराने में 2015 में लालू यादव और नीतीश कुमार की जोड़ी भी नाकामयाव रही, वहीं 2020 में कांग्रेस ने शत्रुघ्न सिन्हा के पुत्र लव सिन्हा को इस सीट से उम्मीदवार बनाया पर लोकप्रिय शत्रुघ्न सिन्हा फिल्म अभिनेता भी अपने बेटे को यहां से जीता नहीं सके। उनके बेटे लव सिन्हा करीब 40 हजार वोटों के अंतर से चुनाव हार गये थे, अब चूकिं ये सीट खाली हो गई है तो तो प्रशांत किशोर यहां दांव खेलने की कोशिश कर रहे हैं, और सभी को पता है कि बिहार चुनाव में उनके सभी दावे अभी तक पानी के बुलबुले ही साबित हुए है,
महंगाई डायन खाए जात हैं— पर शायद कुछ Relief
महंगाई की मार से जूझ रही गरीब जनता के लिए एक राहत की खबर है, कि अब राशन में होने वाली तमाम धांधलियों, कालाबाजरी पर रोक लगेगी साथ ही फर्जी कार्ड वाले वो लोग जो गरीबों का हक मार कर सस्ता अनाज ले रहे हैं, उनकी भी खैर नहीं, जी हां केंद्र सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी पीडीएस राशन में बड़ा बदलाव करने जा रही है। इसके लिए बाकायदा राशन उठाने से लेकर गरीब के घर तक की पूरी व्यवस्था को एक डिजिटल सिस्टम से जोड़ा जाएगा, इससे पता चलेगा कब राशन एफसीआई के गोदाम से चलकर राशन दुकान तक और फिर लाभार्थी तक पहुंचा है, और इसके हर चरण पर निगरानी होगी जिससे धांधली की संभावनाएं एकदम खत्म हो सकेंगी, इससे यह भी पता चल सकेगा कि किस राज्य में कितना, कब अनाज पहुंचा है। किस दुकान पर कितना वितरण हुआ और कहां-कहां गड़बड़ी की आशंका हो सकती है। राशन डीलरों के लिए भी अच्छी खबर है कि उनका कमीशन बढ़ाया जाएगा, वो लंबे समय से इसकी मांग कर रहे
सम्राट चौधरी के पीछे क्यों पडे हैं ये नेता
बिहार में सम्राट चौधरी को मुखयमंत्री बने अभी कुछ ही दिन बीते हैं कि नीतीश के बेटे निशांत को मुख्यमंत्री बनाने के मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है, ये चर्चा लगातार बनी रहती है कि नीतीश के बाद निशांत को सामने आना चाहिए नहीं तो JDU का आस्तितव ही खतरे में पड़ जाएगा, पर इन चर्चाओं को बार बार हवा दे रहे हैं पूर्व सांसद आनंद मोहन, जी हां जहां हाल ही में उन्होंने नीतीश के लिए हमदर्दी जताते हुए कहा था कि उन्हें केंद्र भेजकर जिंदा दफन कर दिया गया है, वहीं उन्होंने एनडीए नेताओं को फिर से निशांत को CM बनाने की सलाह दी है। यही नहीं आनंद मोहन ने नीतीश कुमार को लेकर एक और जुमला छोड़ दिया है कि नीतीश कुमार के जाने के बाद यानी दिल्ली चले जाने पर बिहार के सवर्णों और मुस्लिमों को “नीतीश कुमार का मतलब समझ में आयेगा। यही नहां आनंद मोहन ने नीतीश के करीबी नेताओं पर तंज मारते हुए यह भी कहा कि उन्हें लग रहा है कि नीतीश को दिल्ली भेजकर बड़ा तीर मार लिए है, तो यह फैसला JDU के ठीक नहीं है।यही नहीं उनका कहना था कि आने वाले समय में यह BJP को भी नुकसान देगा क्योंकि अति पिछड़ा वोटर BJP के नहीं हैं और नीतीश के चेहरे पर ही उनके वोट मिलते हैं। जो भी हो आनंद मोहन ने अति पिछडा वोटर का मुद्दा उठाकर एनडीए की राजनीति में एक अलग बहस छेड़ दी है।
