UP जीतना इतना आसान नहीं BJP के लिए

यूपी के चुनाव आने वाले हैं और देश की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी के लिए यह चुनाव जितना उतना आसान नहीं है जितना दिख रहा है, और यही कारण है बीजेपी यहां हर कदम बड़े सोचसमझकर उठा रही है, पार्टी अपने सहयोगी दलों को ज्यादा सीटे देने पर विचार कर रही है, पता चला है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने इसकी पहल की है और उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अपने सहयोगी दलों के साथ मीटिंग भी की।यह जरूरी भी है पर क्यों इसके लिए हमें यहां हुए पिछले 10 सालों के चुनाव रिजल्ट पर नजर डालनी होगी , जहां 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अपने सहयोगियों के साथ कुल 325 सीटें जीती थीं, जिसमें अकेले बीजेपी के 312 विधायक जीते थे। उसके बाद 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की सीटें घटकर 255 ही रह गई, वहीं लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी की सीटें यूपी में लगातार कम होती रही। 2014 में यूपी में बीजेपी ने रिकॉर्ड 71 सांसद जीते थे। जबकि 2019 सांसद घटकर 62 रह गए थे। 2024 के लोकसभा चुनाव मे तो सिर्फ 33 सीटें बीजेपी जीत सकी थी। इस स्थिति में बीजेपी 2027 के चुनाव के लिए कोई भी रिस्क नहीं लेना चाहती है यूपी में वह अपने सबसे मजबूत साथी राष्ट्रीय लोकदल को ज्यादा सीटे देने का मन बन रही है क्योंकि वेस्ट यूपी में राष्ट्रीय लोकदल को बहुत मजबूत माना जाता है। आपको बता दें कि 2022 में राष्ट्रीय लोकदल की अखिलेश से दोस्ती थी और दोनों ने मिलकर बीजेपी को काफी नुकसान पहुंचाया था।