शरद पवार अस्पताल में—PM  Modi का फोन  बडी हलचल 

अभी हाल ही में अजीत पंवार गुट के 6 नेताओं ने अपनी लीडर यानी अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के बिना गृहमंत्री से मुलाकात करके महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल पैदा कर दी और अटकलों का बाजार गर्म हो गया कि क्या बीजेपी का कुनबा बढ़ने वाला है और इसके ठीक बाद जब PM MODI  एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार को फोन करके उनका हालचाल पूछा तो बस महाराष्ट्र की राजनीती में जैसे उबाल आ गया, सबको यही लगने लगा है कि यहां कोई बड़ा खेल होने वाला है और शरद पवार के साथ सुनित्रा पवार की पार्टी nda का हिस्सा बनने वाली है।इसके साथ ही काफी समय से चली आ रही शरद पवार की बेटी  सुप्रिया सुले की केंद्र में भूमिका को लेकर भी दोबारा चर्चा होनी शुरू हो गई। इस बात को और ज्यादा हवा मिल गई जब केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने दावा किया कि अगर शरद पवार की सांसद सुप्रिया सुले  (NDA) में शामिल हो जाती हैं, तो उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल के अगले विस्तार में जगह मिल सकती है। वैसे  अठावले की पार्टी यानी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया भी NDA का ही एक हिस्सा है।अठावले के बयानों से लग रहा है कि वो शऱद पवार को NDA  में लाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं क्योंकि उन्होंने यह भी बयान दिया कि यह भी कहा कि अगर शरद पवार 2019 में NDA  में शामिल हो गए होते, तो वह भारत के राष्ट्रपति बन सकते थे।

क्या इस बार Priyanka का जादू चलेगा UP  में 

क्या कांग्रेस एक बार फिर यूपी की बागड़ोर  प्रियंका गांधी के हाथ में सौंपने का मन बन रही  है , जी हां पिछले 10 दिनों में जिस तरह से प्रियंका ने यूपी कांग्रेस के तमाम बड़े नेताओं के साथ दो महत्वपूर्ण बैठकें की हैं, उससे इशारा मिल रहा है कि  प्रियंका गांधी यूपी में पूरी दिलचस्पी दिखा रही हैं और क्या इसके लिए उन्हें अंदर ही अंदर कह दिया गया है, पर साथ ही यूपी में प्रियंका फैक्टर कामयाब हो पाएगी इस बात की भी चर्चा जोर पकड़ रही है, क्योंकि प्रियंका  की यूपी में वापसी उनके पिछले तमाम  प्रदर्शन को भी सामने लेकर आएगी जिसमें प्रियंका पूरी तरह से फ्लाप साबित हुई और उनके नेतृत्व में यूपी में कांग्रेस को वोट शेयर बुरी तरह से गिरा,  2019 में प्रियंका ने  कांग्रेस का महासचिव बनाकर पूर्वी उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी  संभाली ,लोकसभा चुनाव में  जोरदार प्रचार किया पर पार्टी को केवल एक सीट रायबरेली पर जीत मिली , यही नहीं । बड़ा झटका तब लगा जब RAHUL GANDHI अमेठी सीट हार गए। राज्य में कांग्रेस का वोट शेयर करीब 6.36 प्रतिशत रहा। थी  2020 में उन्हें पूरे उत्तर प्रदेश का प्रभारी बना दिया गया  दिसंबर 2023 तक वह इसीपर रही  पर 2022 विधानसभा चुनाव में  प्रियंका गांधी की रणनीति पूरी तरह फ्लाप रही , लड़की हूं, लड़ सकती हूं नारा तो दिया पर इसके परिणाम कांग्रेस के इतिहास  में सबसे खराब रहे ,403 सीटों में पार्टी सिर्फ 2 सीटें जीती और  380 से अधिक उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। लेकिन जैसे ही  2023 में  प्रियंका को हटाकर यूपी प्रभारी  अविनाश पांडे को सौंपा , 2024 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने सपा के साथ गठबंधन किया। कांग्रेस ने 17 सीटों पर चुनाव लड़ा और 6 सीटें जीत ली। पार्टी का वोट शेयर बढ़कर करीब 9.46 प्रतिशत पहुंच गया और  अमेठी सीट भी बीजेपी से वापस छीन ली , अब एक बार फिर कांग्रेस प्रियंका को अजमाने की कवायद मे जुटी है यह बड़ा प्रशन है क्योंकि  विधानसभा चुनाव से पहले अविनाश पांडे की जगह राजेंद्र पाल गौतम को यूपी प्रभारी बनाया गया और  इसके साथ ही अजय राय की जगह आराधना मिश्रा मोना को यूपी कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया जो  प्रियंका गांधी की करीबी मानी जाती हैं।, देखना यही है कि क्या इस बार प्रियंका का चेहरा कोई करिसमा कर पाता है।