Maharashtra – चाणक्य ने उद्वव की दुखती रग पर रखा हाथ 

एक जमाना था जब बीजेपी के चाणक्य अमित शाह और उद्वव ठाकरे के बीच अच्छे संबंध हुआ करते थे, जब भी बीजेपी और शिव सेना में गठबंधन सरकार चलाने पर कोई विवाद होता था, चाणक्य के दरबार में ही पहंचता था और सुलझ भी जाता थी लेकिन लगता है कि हाल ही में चाणक्य का एक बयान उद्वव के दिल पर भारी चोट कर गया और उन्होंने जमकर बीजेपी को सुनाया है,  मुंबई में एक रैली में उद्धव ठाकरे ने सीधे गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि  मेरी अगुवाई वाली शिवसेना ही असली शिवसेना है, उन्होंने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि हमने  30 साल तक कांग्रेस से लड़ाई लड़ी, लेकिन उसने कभी भी बीजेपी की तरह शिवसेना को हथियाने या खत्म करने की कोशिश नहीं की। मतलब साफ निकाला जा सकता है कि उद्वव ने बीजेपी से ज्यादा कांग्रेस को महत्व देते हुए यह बयान दिया और शायद इशारा भी कर दिया कि अब वो कांग्रेस का साथ छोड़ने वाले नहीं है, वैसे आपको बता दें कि हाल ही में चाणक्य ने कहा था कि पहले लोगों के शिवसेना शिंदे गुट कहना पड़ता था लेकिन अब कोई गुट नहीं है। शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना ही असली शिवसेना है। यही नहीं अमित शाह ने अपने संबोधन में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को शिवसेना अध्यक्ष कहकर भी बुलाया, बस यही बात उद्वव को बुरी तरह चुभ गई है।

Maharashtra – कुते वफादार नहीं होते – नेता का ये बयान पड़ सकता उद्वव पर भारी 

 उद्धव बाला साहेब ठाकरे का राजनीतिक करियर बिल्कुल हाशिये पर पहुंच चुका है एक एक करके सांसद, विधायक नेता उन्हें छोड़कर या तो शिंदे ग्रुप का हाथ पकड़ रहे हैं या बीजेपी को मजबूत कर रहे हैं। लेकिन इन सब के बीच जहां एक तरफ उद्दव ठाकरे अभी तक बागी सांसदों को मनाने , उन्हें वापस लाने के लिए प्लानिंग बना रहे हैं वहीं उनके बड़बोले नेता  संजय राउत खेल को पूरी तरह से जैसे बिगाड़ने में जुट गए हैं। जी हां पता चला है कि  उद्धव ठाकरे ने पार्टी में टूट को बचाने के लिए आखिरी दांव चला है  और  वो  सभी बागी सांसदों के लोकसभा क्षेत्रों का दौरा करेंगे। कारण साफ दिख रहा है वो  बागी सांसदों पर मनौवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं पर वहीं दूसरी तरफ संजय राउत ने उन्होंने सोशल मीडिया पर एक बहुत ही अजीब और शर्मनाक  मैसेज पोस्ट कर डाला ,  उन्होंने लिखा है कि कुछ लोग कुत्ते तो होते हैं, लेकिन वफादार नहीं होते , इस पोस्ट के आते ही  महाराष्ट्र की राजनीति काफी गर्मा गई है। बागी सांसद खुलकर संजय राउत के खिलाफ लामबंद हो गए हैं और हिंगोली से लोकसभा नागेश बापूराव पाटिल अष्टिकर ने तो यह तक कह दिया कि   पार्टी टूटने के लिए संजय राउत ही जिम्मेदार हैं। हमने नाराज होकर पार्टी छोड़ी क्योंकि हम पर भरोसा नहीं किया गया।

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