UP -क्या योगी को हटाने की कवायद हो रही है

अभी तक अखिलेश यादव योगी सरकार को घेरने का काम करते थे, पिछले कुछ समय से वो योगी सरकार पर राम मंदिर चंदा चोरी और यूपी में होंने वाले एनकाउंटर पर लगातार हमला कर रहे हैं लेकिन अचानक उन्होंने योगी पर कुछ personal attack करने शुरू कर दिए, दरअसल खबर आई कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार पर उज्जैन में 168 एकड़ जमीन खरीदने का आरोप है, इस पर अखिलेश यादव जी मोहन यादव का समर्थन करते हुए कहते हैं कि मोहन यादव को बदनाम करने के लिए बीजेपी ने ये साजिश की है। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने भी 600 एकड़ जमीन ली है। ये कोई नई बात तो नहीं है। लेकिन इसके बाद भी अखिलेश कुछ ऐसा कहते हैं जो योगी पर personal attack की तरह लगता है, जी हां अखिलेश कहते हैं कि बीजेपी आलाकमान योगी जी को हटाना चाहता है और इसी के लिए पहले भूमिका बांधने के लिए मध्य-प्रदेश, राजस्थान के मुख्यमंत्री को हटाया जाएगा , उनके खिलाफ साजिश की जा रही है, मुख्यमंत्रियों को बदलने का रास्ता ढूंढा जा रहा है
अखिलेश ने ये भी कह दिया कि योगी को हटाने की जरूरत नहीं क्योंकि इस बार साइकिल इतनी तेज चलेगी कि योगी जी अपने आप मुख्यमंत्री पद से हट जाएंगे।

Mamata —जिसे कोसती थी आज उसी से गुहार लगानी पड़ेगी

एक समय था जब ममता बनर्जी जी भरकर चुनाव आयोग को कोसती रहती थी, उसे बीजेपी का एजेंट बताती थी और खुलेआम कहती थी कि उन्हें चुनाव आयोग पर कतई भरोसा नहीं हैं और आज हाल ये है कि ममता ही अपनी पार्टी की असली मुखिया हैं, इस बात को साबित करने के लिए उन्हें चुनाव आयोग का ही सहारा लेना पड़ेगा, जी हां जिस तरह से ममता के बहुत सारे सांसदों, विधायकों ने tmc को छोड़ दिया और अब tmc पर दावा कर दिया कि वो उनकी ही पार्टी है, उन्होंने अपना अध्यक्ष और महासचिव भी बना लिया, और ममता और अभिषेक को पार्टी से आउट कर दिया, बस इसी को लेकर ममता भड़की हुई हैं और दावा कर रही है कि वहीं tmc की असली मुखिया हैं , विद्रोही गुट ने समानांतर राष्ट्रीय कार्यसमिति का गठन कर लिया अब पार्टी के नाम और वैधता पर जहां एक तरफ कानूनी लड़ाई के आसार बन रहे हैं वहीं चुनाव आयोग तय करेगा कि असली तृणमूल कांग्रेस कौन सी है। इस बीच ममता बनर्जी ने अपने 8 बागी नेताओं को tmc से बाहर करने का फरमान निकाल दिया। तो कुल मिलाकर पशिचम बंगाल में अब इसी बात पर लड़ाई होनी है कि असली tmc कौन सी है क्या ममता उसकी अध्यक्ष हैं या नई कार्यकारी समिति बनाने वाले ऋतब्रत बनर्जी की ओर से नियुक्त किए गए वरिष्ठ विधायक अरूप रॉय अब tmc का नेतृत्व करेंगे। वैसे बागी गुट ने 30 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्य समिति की घोषणा करते हुए यह भी कहा है कि वो चाहते हैं कि पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री यानी ममता दीदी उनके मार्गदर्शक यानी मेंटर के तौर पर काम करें। जो भी हो ममता के लिए मुश्किल तो है ही कल तक चुनाव आयोग के खिलाफ मैदान में खड़ी आज अपना राजनीतिक आस्तित्व बचाने के लिए उनके सामने ही झुकना पड़ेगा।

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