अखिलेश यादव को समझ आ गया समय पर बदल रहे अपना सुर

काफी समय से देखा जा रहा है कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव से लेकर उनके नेता तक हिंदूत्व पर लगातार कटाक्ष करते आ रहे हैं, चाहे वो भगवान राम की बात हो, हिंदू त्यौहारों की बात हो समाजवादी पार्टी समय समय पर इसके उपर तंज कसती आई है लेकिन यूपी में चुनाव का बुखार चढ़ना शुरू हो गया और इसके साथ ही साफ दिख रहा है कि समाजवादी पार्टी सॉफ्ट हिन्दुत्व की और बढ़ रही है, बदलते राजनीतिक समीकरणों में शायद उसे समझ में आ गया कि हिंदूओं की भावनाओं से खिलवाड़ और PDA यानी पिछड़ा, दलित अल्संख्यक का सहारा लेकर बड़ी जंग नहीं जीती जा सकती है , यही कारण है कि समाजवादी पार्टी अपनी पहचान ‘पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक (पीडीए) से बढ़ाकर हिंदू मतदाताओं, खासकर गैर-पारंपरिक वोटर्स तक बढ़ाना चाहते हैं और पिछले कुछ समय से इसके संकेत भी देखने को मिल रहे हैं।माघ मेले के दौरान शंकाराचार्य विवाद के बाद से अखिलेश यादव लगातार बीजेपी के मजबूत हिंदुत्व’ नैरेटिव को सीधे चुनौती देने के बजाय उसे संतुलित करने की रणनीति अपना रहे हैं। और इसी कड़ी में अखिलेश यादव ने अगस्त के अंतिम सप्ताह से रथयात्रा निकालने की बात कही है और इस रथयात्रा की शुरुआत अखिलेश यादव हिन्दुओं के किसी धार्मिक स्थल से कर सकते हैं। माना जा रहा है कि धार्मिक स्थान से रथयात्रा शुरू कर अखिलेश बीजेपी को राम मंदिर में हुए चंदा चोरी के मुद्दे पर घेरने की कोशिश करेंगे।
शशि थरूर का खुला पत्र काकरोच पार्टी की मदद करेगी

जंतर -मंतर पर चल रहा काकरोच पार्टी का अनशन , लगता है अब उनके ही गले की हड्डी बनकर रह गया है, कारण साफ है कि पूरे अनशन से zen ji गायब हो चुका है और अब काकरोच पार्टी के नेताओं और उनके समर्थकों को लग रहा है कि बस किसी तरह से यह अनशन सम्मानजनक रूप से खत्म हो जाए और इस तरह के संकेत देते कईं विडियो सामने आ चुके हैं इन सब के बीच भूख हडताल पर बैठे सोनम वांगचुक की तबीयत लगातार बिगड़ रही है, पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर के एक पत्र ने काकरोच पार्टी को बैठे बिठाए वो मौका दे दिया जिसके बारे में वो लगातार इशारा कर रहे थे , जी हां शशि थरूर ने अपने एक ओपन लेटर में सोनम वांगचुक से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की और कहा है कि इस विरोध-प्रदर्शन ने पहले ही देश की अंतरात्मा को जगा दिया है और छात्रों के मुद्दों की लड़ाई अब संसद में लड़ी जानी चाहिए, उऩ्होंने ये भी कहा कि वो एक राजनेता या सांसद के तौर पर नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर उनसे बात कर रहे हैं। शशि थरूर ने आगे लिखा कि सोमवार से संसद का सत्र फिर शुरू हो रहा है और हमें लोकतंत्र के सबसे बड़े मंच पर छात्रों के मुद्दों को उठाने का मौका मिलेगा। समस्या का समाधान वहीं होना चाहिए, न कि आमरण अनशन से। कृपया मेरी गुजारिश पर ध्यान दें।’ वैसे वांगचुक की सेहत को लेकर तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, उद्धव ठाकरे अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं ने उनसे भूख हड़ताल खत्म करने को कहा है।
BJP ने उतारी चुनाव प्रचार के लिए 6 महिला नेता
लगता है बिहार में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव जीतना बीजेपी ने अपनी प्रतिष्ठा का विषय बना लिया है , जैसा कि यह सीट बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन के सीट छोड़ने से खाली हुई है तो एक तरफ इसे जीताने के लिेए खुद बीजेपी अध्यक्ष बांकीपुर में पूरा ध्यान दे रहे हैं और अंदर चल रही बगावतों को समय रहते शांत कर रहे हैं और अब इससे भी ज्यादा पता चला है कि बीजेपी आलाकमान ने इस सीट पर चुनाव प्रचार करने के लिए अपने स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी कर दी है जिसमें 6 महिलाएं शामिल हैं जिनका बिहार में पूरा रूतबा है, और कहा जा रहा है कि बांकीपुर में बीजेपी के उम्मीदवार नीरज सिन्हा को जिताने के लिए BJP ने अपनी 6 ‘देवियां उतार दी हैं। जिसमें मैथिली ठाकुर का नाम सबसे आगे शामिल हैं, इसके अलावा पश्चिम चंपारण की बेतिया से विधायक और बिहार की पूर्व डिप्टी सीएम रेणु देवी को बांकीपुर में स्टार प्रचारक बनाया गया है क्योंकि ये अति पिछड़ा समाज से आती हैं और माना जा रहा है कि बांकीपुर सीट में अति पिछड़ा समाज के वोटर को ध्यान में रखकर उनको सामने लाया गया है, फिर दरभंगा जिले की पहली बर विधायक बनी मैथिली ठाकुर को युवा वोटर को खिंचने के लिए लाया गया है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं के बीच उनकी अच्छी पकड़ रखने वाली सीता साहू भी स्टार प्रचारक है। पटना नगर निगम की डिप्टी मेयर रेशमी चंद्रवंशी को भी बीजेपी ने स्टार प्रचारक बनाया है। वैश्य समाज से आने वालीं सुषमा साहू को बीजेपी ने अपना स्टार प्रचारक बनाया है।
