चिकन नेक के पास सात लोगों ने खरीदी जमीन -क्या चिंता की बात है

नार्थ ईस्ट राज्यों को देश से जोड़ने वाला चिकन नेक इलाका हमेशा से ही चर्चा का विषय बना रहता है और इस इलाके में अस्थिरता फैलाने में चीन और अब बांग्लादेश का भी नाम लिया जा रहा है और यही कारण है कि इस अति-संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर चिकन नेक के पास सेना के नए स्टेशन खोलने के लिए 189.68 एकड़ जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की है, पर इस प्रक्रिया के शुरू होते ही एक बहुत ही हैरान और चिंता करने वाला सच सामने आ रहा है, पता चला है कि इस क्षेत्र की करीब 70.91 एकड़ जमीन दिल्ली और यूपी के सात लोगों के नाम तेजी से रजिस्टर हो गई, और और भी ज्यादा चौकाने वाली बात है कि ये सभा अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े लोग है जिन्होंने बहुत ही जल्दबाजी में यहां की जमीन खरीद और इससे भी ज्यादा चौकाने वाला सच ये भी है कि इसमें कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी भी नाम सामने आ रहा है।जैसा की अब ये बात सामने आ गई है कि बॉर्डर पर केंद्र सरकार सेना के लिए सिलीगुड़ी कॉरिडोर बना रही है, पता चला है कि सेना का नया स्टेशन बनाने के लिए 189.68 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जा रही है जो बिहार के किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड स्थित भेलागुड़ी मौजा में है, ये क्षेत्र सिलीगुड़ी कॉरिडोर के मुहाने पर स्थित है और तीन पड़ोसी देशों की सीमाओं के पास है। पर सेना के प्रोजेक्ट की सुगबुगाहट शुरू होते ही 70.91

सरकार ने दी अग्निवीरों को बड़ी खुशखबरी

जैसा कि कुछ ही समय में नेवी से चार साल पूरा करके बाहर आने वाले अग्निवीरों का पहला बैच बाहर आने वाला है , इसके बाद आर्मी और वायुसेना से भी नौजवान बाहर आएंगे और सबको पता है कि अग्निपथ स्कीम के तहत केवल 25 फीसदी जवानों को नौकरी स्थायी रूप से मिलेगी बाकी बाहर निकलेंगे, लेकिन सरकार की ओर से दिए गए एक बयान ने इन अग्निवारों को बहुत राहत दी है। गृह मंत्रालय ने एलान किया है कि पूर्व अग्निवीरों को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस और असम राइफल्स में कॉन्स्टेबल (जनरल ड्यूटी) और राइफलमैन के पदों पर 50 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। इन पदों के लिए यहां पर अलग से एक नई कैटेगिरी बनाई गई है. साथ ही पूर्व-अग्निवीरों को यहां पर फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट, फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट और लिखित परीक्षा में भी छूट दी जाएगी। आपको बता दें कि जल्द ही अग्निवीरों के पहले बैच का चार साल का कार्यकाल पूरा होंने वाला है। नहीं हुआ है।