ममता दीदी गई कुर्सी अब पार्टी बिखरने का खतरा
कहते हैं ना बुरा समय किसी को बता कर नहीं आता और राजनीति के जानकार मान रहे हैं कि ममता बनर्जी का बुरा समय शुरू हो चुका है, पहले ही बंगाल में जबरदस्त हार से परेशान ममता को एक और झटका मिल गया जब हार के बाद उन्होंने अपनी पार्टी के विधायकों और पदाधिकारियों के साथ पहली बैठक की और इस उनकी पार्टी के 80 में से 9 विधायक नहीं पहुंचे। बस फिर क्या था चर्चाएं गर्म हो गई कि क्या अब ममता को अपनी बरसों पुरानी पार्टी में भी फूट का नजारा देखने को मिल सकता है। जी हां यह भी देखने में आया कि टीएमसी के बहुत से कार्यकर्ता भी बीजेपी वर्कर्स के साथ गेरूआ गुलाल उड़ाते नजर आए और इससे साफ लग रहा है कि आने वाले समय में tmc बिखर सकती है वैसे पश्चिम बंगाल में यह कुछ नया नहीं है, पश्चिम बंगाल का इतिहास ऐसा ही है कि चुनाव हारने वाली पार्टी को गद्दी के साथ जमीन पर कार्यकर्ताओं को खोना पड़ जाता है, 2011 में जब टीएमसी जीत कर आई तो ऐसा ही कुछ हुआ था , लेफ्ट समर्थक लाल झंडा थामने वाले बहुत से गुट टीएमसी के पाले में चले गए।और अब वही इतिहास दोहराता दिख रहा है, tmc विधायक बैठक से गायब रहे और चार मई को बीजेपी की जीत के बाद कई इलाकों में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने रातों रात भगवा गुलाल उड़ाना शुरू कर दिया। अब देखना यही है कि खुद को fighter बताने वाली ममता दीदी चुनाव हारने के बाद अपनी पार्टी बचाने में कामयाब हो पाएंगी।
बंगाल में BJP का मंगल करने वाले को चाणक्य देंगे कुछ खास इनाम
पशिचम बंगाल में BJP का मंगल करने वाले, बीजेपी को जबरदस्त जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले बिहार के MLA मंगल पांडेय का नाम अचानक ही सुर्खियों में आ गया, जी हां माना जाता है कि मंगल पांडेय का बिहार की राजनीती में बहुत ही बड़ा कद है, लंबे समय से भाजपा के नेता हैं और सबसे अहम हाल ही में पश्चिम बंगाल में बीजेपी के प्रभारी के रूप में मंगल पांडेय ने अंदर ही अंदर वो कर दिखाया कि हर कोई हैरान रह गया ,मंगल पांडेय को साल 2022 में बीजेपी का प्रभारी बनाया गया था, और माना जा रहा था उन्हें इनाम के तौर पर बिहार का कोई बड़ा मंत्रालय सौंपा जाएगा पर ऐसा हुआ नहीं और बिहार में उनके चाहने वाले काफी निराश भी दिखे पर इन सब के बीच एक घटना ऐसी हुई कि एक बार फिर मंगल पांडेय पर ही सबकी निगाह टिक गई, जी हां बिहार में शपथ ग्रहण समारोह के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ना केवल मंगल पांडे को गले लगाया बल्कि उनकी पीठ थपथपाते हुए कुछ देर बातचीत भी की। यह सिर्फ शिष्टाचार नहीं है बल्कि कईं कद्दावर नेता इसे एक बड़ा राजनीतिक संकेत मान रहे हैं। बीजेपी के अंदर ही चर्चाएं चल रही हैं कि कि चाणक्य की कृपा दृशिट पड़ गई है और मंगल पांडेय को मंत्री पद से भी बड़ा कोई अहम ओहदा मिलने वाला है और उनके बंगाल में किए गए काम को बीजेपी आलाकमान ने बहुत गंभीरता से लिया है बस रिवार्ड देने की तैयारी है।
