Non living चीजों पर भी काम करती है Reiki 

रेकी सीखने के बाद  घर पर रखी हुई  नॉन लिविंग चीजे जैसे टीवीफ्रिज , कूकर है उनको भी ठीक किया जा सकता है।  लगातार रेकी करके उन्हें खराब होने से बचा सकते हैं , और अगर वो खराब हो जाते हैं तो रेकी की हीलिंग से  उन्हें ठीक कर सकते हैं।  रेकी ना केवल लिविंग चीजों पर काम करती है , मनुष्य में काम करती हैजीव जंतु में काम करती है  रेकी की वाइब्रेशन हैंतरंगे है , वह नॉन लिविंग चीजों  पर भी काम करती है।

Reiki एक माध्यम है जो आपको मदद दिलवाने के लिए है 

 आपके घर का फ्रिज खराब हो गया आप उसको एनर्जी भेजते हैं  रेकी के प्रतीक चिन्हों के साथ तो यूनिवर्सल आपकी एनर्जी को कैच करती है और कोई ना कोई माध्यम आपके सामने ला देती है जिससे आपका फ्रिज या कोई और चीज ठीक हो जाती हैबहुत जल्दी ठीक हो जाती हैबिना किसी मकसद के बिना किसी ज्यादा पैसे खर्च किए हुए  यहां यह समझनी जरूरी है कि रेकी एक माध्यम है , जरिया है जो आपके पास किसी ना किसी तरह की मदद भेजता है जिससे आपका कोई भी रूका हुआ काम ठीक हो जाता है। 

रेकी कोई जादू नहीं है भ्रम में मत रहिएसाधन उपलब्ध कराती है

यह मत समझिए  रेकी  जादू  है और कर ली तो  उसे करते ही आपकी सब चीज ठीक होजाती है,  जैसे कि हमने बताया रेकी  सिर्फ एक माध्यम है , उसको करते ही आपके जो सामने जो भी  कार्य है , वह बिना किसी दिक्कत के सफलतापूर्वक हो जाता है  कई बार तो मैजिक होते हैं ,जिससे आप हैरान हो जाते हैं।  मैं आपको फिर अपना एक उदाहारण  देना चाहूंगी  मेरे घर का फ्रिज खराब हो गया था और मैं उसको भी ठीक नहीं करा पा रही थी मेरे बेटे का दोस्त आया उसने बोला आंटी ठंडा पानी दे दो तो मैंने कहा फ्रिज मेरा खराब है तो उसने कहा आंटी क्या हुआ , वो शायद बिजली का थोड़ा बहुत काम जानता था उसने मेरे फ्रिज को देखा आगे पीछे करके कोई वायर ढीली हुई हुई थी उसने वो वायर ठीक करके फिज को चालू कर दिया  तो यहां देखिए की रेकी की  तरंगों ने काम किया और मकिसी भी पैसा खर्च किए बिना किसी भी मैकेनिक को बुलाए बिना फ्रिज ठीक हो गया। कोई एक माध्यम सामने  गया  

रेकी की तरंगों का इस्तेमाल करने कुदरत यूनिवर्सल आपके लिए कोई ना कोई रास्ता बनाती है 

 नॉन लिविंग में चीजों  में रेकी की तरंगों को यूज करते हैं,  ऊर्जा को यूज करते हैं और हमारे सैकड़ों साथी ऐसे हैं जो रेकी चैनल में जो अपनी रेकी पद्धति द्वारा अपने घर की नॉन लिविंग थिंग को ठीक कर चुके हैं   रेकी जैसी वंडरफुलथेरेपी हर जगह काम करती है , पर विश्वास होना चाहिए  क्योंकि यह पद्धति सिर्फ विश्वास पर ही काम करती है  अगर आप सच्चे दिल पर विश्वास करते हैं तो कुदरत यूनिवर्सल आपके लिए कोई ना कोई रास्ता बनाता है और मदद आपतक पहुंचा देता है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

गद्दार कमेंट पर रवनीत बिट्टू ने सच ही बोला कि राहुल देश के दुश्मन बुधवार को राहुल गांधी का बीजेपी नेता रवनीत बिट्टू को संसद परिसर में गद्दार कहने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है, सिख समुदाय इसे पूरे सिख समाज का अपमान बता कर गुस्सा है, यही नहीं राहुल के कमेंट पर उऩके साथ बैठे सिख समुदाय के नेताओं का हंसना भी चर्चा का विषय बन गया है और उनके खिलाफ भी कारवाई की मांग जोर पकड़ रही है, शिरोमणि अकाली दल की बैठक से शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि दोनों ही सच्चे हैं, आपको बता दें कि राहुल गांधी ने रवनीत बिट्टू को अपना गद्दार मित्र बता दिया था तो जवाब में बिट्टू ने उन्हें देश का दुश्मन बताया। ममता बनर्जी क्यों बन गई वकील ममता बनर्जी में कुछ हो ना हो एक तो कला जरूर है कि उन्हें पता है कि कैसे ,किस तरह हमेशा ही मीडिया की सुर्खियों में बने रह सकते हैं, कभी अपने बयानों से कभी केंद्र सरकार पर लगाए गए अजीबोगरीब आरोपों के कारण दीदी हमेशा सुर्खियों में रहती हैं और जब से ममता दीदी ने सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर पर खुद जिरह करने की अपील की है वह बंगाल तो क्या देशभर में चर्चा का विषय बन चुकी हैं, हां यह बात अलग है कि ममता के इस फैसले से ना केवल बीजेपी बल्कि कांग्रेस और कम्यूनिस्ट पार्टी ने ममता को घेरा है और कहा कि यह केवल राजनीतिक प्रोपोगेंडा है , राजनीतिक पैंतरेबाजी है। केंद्रीय मंत्री सुकंत मजूमदार ने इस पर तंज किया और कहा कि ममता बनर्जी ने अदालत की गरिमा को ताक पर रखकर वहां केवल राजनीतिक भाषण दिया। यही नहीं मजूमदार ने दावा किया कि Chief Justice of India ने मुख्यमंत्री को बीच में रोककर उनके वकीलों को बोलने की अनुमति इसलिए दी क्योंकि ममता कानून के बजाय राजनीति की बात कर रही थीं। कांग्रेस प्रवक्ता सौम्या आईच राय ने ममता पर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब राहुल गांधी इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे थे, तब ममता चुप थीं और अब केवल ध्यान भटकाने और अपनी वाहवाही के लिए खुद कोर्ट पहुंच गई हैं।दूसरी तरफ माक्सर्वादी कम्यूनिस्ट पार्टी के नेता सुजन चक्रवर्ती ने सवाल उठाया कि अगरजनता की परेशानी को लेकर ममता बनर्जी इतनी सीरियस थी तो उन्होंने बहुत पहले प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी? वहीं इस बात को तृणमूल कांग्रेस ऐतिहासिक बता कर पेश कर रहा है। pm को घेरा-आरोप -मारने की कोशिश थी संसद में बजट सत्र के दौरान वो सब हो रहा है जिसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता है, अभी तक देखने -सुनने में आता था कि विपक्ष ने नारेबाजी की , संसद से वाकआउट कर दिया, संसद के बाहर धरना -प्रदर्शन किया, लेकिन बुधवार को जो हुआ वो हैरान करने वाला नजारा था विपक्ष ने ना केवल हंगामा करके संसद को ठप किया बल्कि कईं महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी के बोलने से कुछ पहले ही ना केवल प्रदर्शन शुरू कर दिया। बल्कि कईं सीटों, जिसमें पीएम मोदी की सीट भी शामिल थी, की कुर्सियों को ब्लॉक कर दिया। इन सांसदों ने हाथों में एक बैनर थाम रखा था जिसपर लिखा था , जो सही है, वही करो। ये महिला सांसद मंगलवार को आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन को लेकर अपना विरोध कर रही थी। कई मंत्रियों के हस्तक्षेप के ही ये महिला सांसद अपनी जगह लौटी , इन महिला सांसदों में वर्षा गायकवाड़ और ज्योतिमणि समेत कईं और दलों की महिलाएं शामिल थीं। इस हंगामे की कईं बीजेपी के नेताओं ने निंदा की, बीजेपी नेता मनोज तिवारी का कहना था कि जो भी कुछ हुआ वो डरावना था और महिला सांसदों का मकसद पीएम मोदी पर हमला करना था, मनोज तिवारी ने कहा कि महिला सांसदों को पहले से प्लान बनाकर प्रधानमंत्री की सीट के चारों ओर तैनात किया गया था, वो तो मंत्री किरण रिजिजू ने सूझबूझ दिखाते हुए स्थिति को कंट्रोल कर लिया।