152 साल पुराने इस खंडहर में कौन रहता-किसकी आती आवाजें

दक्षिण मुंबई के एन ए सावंत मार्ग पर जब साल 1852 में मुकेश मिल्स को बनाया गया था तो इसको देखने का अपना ही ही क्रेज था, करीब 10 एकड़ की भूमि में फैली हुई यह मिल्स उस समय के भव्य निर्माण में से एक थी और यहां पर बड़ी मात्रा में कपड़े बना करते थे, हजारों लोग काम करते थे पर समय के साथ इस मिल्स के साथ ऐसा हो गया कि यह मिल्स आज खंडहर में बदल गई है। जी हां, अचानक साल 1970 में इस मिल्स में जबरदस्तजगह शॉट सर्किट हुआ, जिसके चलते यह पूरी तरह से तबाह हो गई और पता तक नहीं चल पाया कि अच्छी खासी चलती मिल्स को क्या हो गया किसकी नजर लग गई। दो साल बाद मिल को दोबारा ठीक करके चलाया जाने लगा पर मिल में दोबारा आग लगी और अंदर ऐसी कोई भी जगह नहीं बची जो आग की चपेट में न आई हो, हर एक कोना जल के राख हो गया और तब से अब तक ये मिल्स जो उजड़ी आज तक नहीं बस पाई और इसकी बड़ी वजह है इसका haunted होना, कहा जाता है माना जाता है कि अब यह मिल्स रहसयों से भर गई है और यहां पर भूतों का ही बसेरा रहता है। तमाम तरह की आवाजें आती हैं और अक्सर यहां पर कई अजीबोगरीब घटनाएं होती रहती हैं, जिसके चलते इस स्थान के आस-पास भी कोई नहीं भटकता।

फिल्मों की शूटिंग के लिए दी जाती है

आपको बता दें कि ये मिल्स करीब 158 साल पुरानी है और अब यही मशहूर है कि इसमें सारी प्रेत आत्माएं रहती हैं और यही वजह है कि मुकेश मिल्स का नाम भारत की डरावनी जगहों में शुमार है। पर साल 1984 के बाद से इस जगह को हॉन्टेड फिल्मों की शूटिंग के लिए किराये पर दिया जा रहा है, इस जगह पर कईं हॉन्टेड फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है और डरावनी फिल्मों की शूटिंग के लिए अब ये मिल्स मशहूर हो चुकी है यह बात अलग है कि इसको लेकर इतना खौफ है कि कई फिल्मी कलाकार यहां पर आने से डरते हैं। उन्हें डर रहता है कि कहीं भूत उनको ही ना नुकसान पहुंचा दे।

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