Bihar क्या नीतीश ने सचमुच मशीन को नमस्कार किया या फिर तेजस्वी की चाल
तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर एक बार फिर हमला बोला है उनके स्वास्थ्य को लेकर के। विधानसभा का एक वीडियो उन्होंने छोटा सा क्लिप शेयर किया है जिसमें वो यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि नीतीश कुमार का स्वास्थ्य इतना खराब है कि वह जो विधानसभा में टैब लगा हुआ है उसको उन्होंने दो बार प्रणाम किया। अब यह थोड़ा सा विवादित मामला है कि उन्होंने किसी नेता को देखकर के प्रणाम किया या टैब को देख के प्रणाम किया। लेकिन बाद में उनके बगल में बैठे हुए व्यक्ति ने टैब को उल्टा कर दिया। अब यह बात है कि लंबे समय से नीतीश कुमार के स्वास्थ्य की और उनके व्यवहार को लेकर के बहुत चर्चा हो रही है और सारी चर्चा और सारी जो जानकारियां हैं उपलब्ध उनके बावजूद भारतीय जनता पार्टी उनको रिप्लेस नहीं कर पाई है। चुनाव के पहले से ही यह सारी चीजें नजर आ रही थी। अब तेजस्वी यादव लगातार नीतीश पर हमलावर है कि उनका स्वास्थ्य ऐसा खराब है कि वह अपने आप को नहीं संभाल पा रहे हैं तो प्रदेश को क्या संभालेंगे और प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर से लेकर के डेवलपमेंट सारी व्यवस्था खराब है और उसके लिए नेतृत्व की दिक्कत है। अब सीधे तौर पर उन्होंने जब ट्वीट किया तो यह कहा कि क्या इतने बड़े सूबे का मुख्यमंत्री की मानसिक सेहत और व्यवहार आपको सामान्य लगता है या क्या यह किसी गंभीर बीमारी का लक्षण नहीं है और जिस तरह से वह चीफ सेक्रेटरी के सर पर गमला रखने की बात करते हैं। उसके बाद वो जो बुर्ख खींचने वाला विवाद लंबे समय तक खींचा था। तो ये सारी समस्याएं हैं। अब बीजेपी इसमें या तो समय का इंतजार कर रही है कि सही समय आए तब उनको कहीं किसी ऐसी जिम्मेदारी पर भेजा जाए जिससे विवाद भी ना हो और मामला सुलझ जाए।
तेलंगाना हो गई नक्सल फ्री State

बिहार के बाद अब तेलंगाना दूसरा ऐसा राज्य बन गया है, जो नक्सल फ्री हो गया है। केंद्र सरकार लगातार यह कह रही है कि 31 मार्च तक पूरा देश रेड टेरर फ्री हो जाएगा। अभी एक जो डेढ़ करोड़ के का इनामी नक्सल है देवू जी थिपरी तिरुपति जिनको देवू जी के नाम से जाना भी जाना जाता है। मास लीडर है जिन पर तीन डेढ़ करोड़ का इनाम था। उन उन्होंने सरेंडर किया है और उनके सरेंडर में जो स्पेशल इंटेलिजेंस ब्रांच है तेलंगाना की उसकी जो प्रमुख है आईपीएस ऑफिसर उनकी बड़ी भूमिका है बी सुमथी। जिन चार पांच जगहों पर नक्सल बचा हुआ था, जिसमें महाराष्ट्र का गढ़चिरौली का इलाका था। बिहार पूरी तरह से उसकी घोषणा की जा चुकी है। तेलंगाना उड़ीसा का एक छोटा सा इलाका है जहां बचा हुआ है। आंध्र में नक्सल एक आध जिले के एक छोटे से किसी हिस्से में बचा हुआ है और वह जो सरकार ने बात कही है 23 31 मार्च तक उसको मतलब पूरे पूरा देश जो है वो मॉइसिस नक्सलिस फ्री हो जाएगा।
WEST Bengal ——ममता क्यों चाहे नाम में बदलाव

बंगाल की राजनीति से जुड़ा मसला है। जब से केरल का नाम बदल के केरलम पर एक सहमति या वो बनी है और उसको केंद्र सरकार की भी स्वीकृति मिल गई है। महत्वपूर्ण बात यह है कि पश्चिम बंगाल लगातार इस बात को लेकर के मांग कर रही है कि उसे अब बंगाल कहा जाना चाहिए, लेकिन केंद्र सरकार इस पर सहमत नहीं है और इसको अप्रूव नहीं कर रहा है। केंद्र सरकार के अपने तर्क हैं कि बंगाल कैसे हो सकता है? जब बगल का प्रदेश एक बांग्लादेश है। लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि जो सरकार है वो ये चाहती है कि लोग याद रखें बंगाल को पश्चिम बंगाल के नाते कि एक बड़ा हिस्सा जो है बंगाल का वो उधर चला गया है जो अब बांग्लादेश है। एक बात हो गई। दूसरी बात यह है जो तृणमूल कांग्रेस कहती है वो ये कहती है कि जब पूर्वी पाकिस्तान जब पूर्वी बांग्लादेश नहीं है तो पश्चिम बांग्लादेश होने का क्या औचित्य है लेकिन इसके पीछे जैसे बीजेपी या सरकार ये नहीं चाहती है कि कोई ये ना भूले कि पूर्वी बंगाल और पश्चिमी बंगाल था, बेसिकली ये उनका अपना जो उनका माइनॉरिटी वोट बैंक है उसको एपीज करने का जो मामला है वो घूम फिर करके उसी पर जाता है। लेकिन इसको लेकर के विवाद लगातार जारी है कि ये संभव नहीं है नाम को लेकर के इसके इंटरनेशनल रिपरकशंस होंगे बाहर जाकर के बंगाल कैसे होगा बांग्लादेश और बंगाल फिर तीन नाम ऑफर किया गया था पश्चिम बंगाल की तरफ से कि इसको हिंदी में बंगाल बोला जाएगा इंग्लिश में बंगाल बोला जाएगा और सरकार को असहमति थी कि एक ही राज्य का तीन नाम तीन भाषा में तीन नाम कैसे हो सकता है। तो यह असहमति है और इस असहमति के दूर होने की भी बहुत कम संभावना है। लेकिन ये मामला विवाद में तब आ गया जब केरल को केरलम बनाए जाने की संस्तुति मिल गई तो यह मामला और उठेगा।
PM Modi ——विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता

प्रधानमंत्री का जो सोशल मीडिया आउट रीच है वो विश्व के किसी भी नेता से सबसे ज्यादा बढ़चढ़कर हो गया। जब सोशल मीडिया के एक प्लेटफार्म Instagram पर नरेंद्र मोदी की भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फॉलोवर्स की संख्या 100 मिलियन यानी 10 करोड़ का आंकड़ा पार हो गया और वो मौजूदा समय में वैश्विक राष्ट्रध्यक्ष पहले राष्ट्रध्यक्ष बने जिनको यह उपलब्धि हासिल हुई कि 10 करोड़ के फॉलोअर्स उनके हो गए हैं। अब यह यह सब दिखाता है किस तरह से उनकी पॉपुलरिटी है। उस पॉपुलरिटी का सबसे जो सबसे अभी का जाता जागता जीता जागता उदाहरण है कि इजराइल के संसद में उनके भाषण के बाद वहां के सांसद थे वो किस तरह से प्रधानमंत्री के साथ सेल्फी लेना चाह रहे थे उनसे हाथ मिलाने के लिए आतुर थे ये और जब उनको सेल्फी मिल जा रही थी या उनके साथ फोटो एक खींच क्लिक हो जा रही थी तो वो उनमें एक जो सेंस ऑफ कंटेंटमेंट प्राइड सेटिस्फेक्शन दिख रहा था उससे से लग रहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पॉपुलरिटी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जो वैश्विक छवि है वो बहुत मजबूत है। अब जैसे डोनाल्ड ट्रंप है। डोनाल्ड ट्रंप की 43 मिलियन की फॉलोइंग है लगभग लगभग 4.5 करोड़ की। वैसे ही राष्ट्रपति ब्राजील के राष्ट्रपति लूला की सार 14.4 मिलियन है। तुर्की के राष्ट्रपति रसेद तैयब अदगन की 11 मिलियन की है। तो ये उस कंपैरिजन में प्रधानमंत्री को फॉलो करने वाले बड़ी संख्या में है और ये उनकी सफलता है। ये भारत की एक नई जो नया डिप्लोमेटिक वो है जो जो भारत की जो ग्लोबल नई छवि है ये उसका ही
रिप्रेजेंटेशन दिखता है।
