क्या मोदी का हनुमान बनेगा CM?

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बिहार की गद्दी छोड़ राज्यसभा में जाने की चर्चाओं के बाद बिहार में बस एक ही स्वर सुनाई दे रहा है कि नया मुख्यमंत्री कौन, अब यह तो जाहिर है कि नया मुख्यमंत्री बीजेपी का ही बनेगा, पर बीजेपी में सम्राट चौधरी का नाम सबसे ज्यादा उछल रहा है पर, उसके अलावा कईं बड़े नेता भी इस दौड़ में शामिल हैं और यह भी चर्चा है कि बीजेपी और राज्यों की तरह यहां भी कोई नया चौकाने वाला नाम सामने ला सकती है, पर इस सब के बीच एनडीए के भीतर की उठ रही मांग बीजेपी को परेशान कर सकती है, जी हां लोक जनशक्ति पार्टी, रामविलास के कार्यकर्ताओं ने अपने नेता चिराग पासवान को बिहार की गद्दी सौंपने की मांग उठा दी है और यही नहीं बीजेपी कार्यालय के बाहर बाकायदा चिराग के फेवर में कईं तरह के पोस्टर भी लगा दिए, जैसे कि इसमें लिखा है कि ना दंगा, ना फसाद बिहार का CM सिर्फ चिराग पासवान , अब जाहिर सी बात है कि बीजेपी के बाहर किसी दूसरे दल के नेता के समर्थन में लगे इन पोस्टर से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। आपको बता दे कि पोस्टर में चिराग पासवान को ही बिहार सौंपने की खुलकर अपील की गई है। लिखा गया है- सजाओ इनके सर पर ताज तभी आएगा बिहार में स्वर्णकाल। चिराग के फेवर में यह तक लिख दिया गया कि मोदी जी का मिला अपने हनुमान को आशीर्वाद, चिराग होंगे बिहार के नए सरताज। वैसे कुछ समय पहले एलजेपी के सांसद अरुण भारती भी चिराग पासवान को मुख्यमंत्री बनाने की बात कह चुके हैं। साफ सी बात है जिस तरह से चिराग को एनडीए का मजबूत नेता और बिहार का मुख्यमंत्री बनाने के लिए ये मुहिम शुरू हो गई है उससे बीजेपी की नींद उड़नी जाहिर सी है।

सही समय पर देश में लगा ESMA

विश्व के अलग -अलग जगहों पर चल रहे युद्द के बीच देश में भी गैस का संकट मंडराना शुरू हो गया है और आम जनता परेशान ही है, पर इस सब के बीच मोदी सरकार का देशभर में ESMA लागू करने का फैसले जमाखोरी रोकने के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है , यही नहीं एलपीजी सिलेंडर बुकिंग की अवधि को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन भी कर दिया गया है। आपको बता दें कि ESMA का मतलब है आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम जिसके तहत अगर कोई भी घरेलू खाना पकाने की गैस की कालाबाजारी करते पकडा जाता है तो उसे सख्त सजा होगी। आपको बता दें कि संसद की ओर से इस एक्ट को 1968 में पारित किया गया था जिसका मकसद था दैनिक जीवन में काम में आने वाली वस्तुएं या सेवा पर रूकावट पैदा करने से रोकना , जैसे की डाक्टरों, बिजली कर्मचारियों परिवहन में की जाने वाली हड़ताल पर अकसर ESMA लगा दिया जाता है, इसमें बैंकिंग सेवा भी आती है। वैसे सरकार ने देशभर में ESMA लगाने का फैसला अचानक नहीं लिया , जिस तरह से War के कारण गैस बुकिंग की मांग 15 से 20 फीसदी बढ़ गई थी जिसके कारण जमाखोरी का खतरा पैदा हो रहा था उसके चलते सरकार ने सही समय पर ESMA लगाकर इसपर विराम लगाने की कोशिश की है।

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