किचन की जालियों का रंग बहुत सोचसमझकर Choose करें

वास्तु में किचन में हम क्या ऐसी रेमेडी करें कि हमारे घर में वेल्थ का आगमन अच्छे से हो। हमारा जो करियर है, हमारे जो मनी फ्लो है वो अच्छे रहे। ज्यादातर ऐसा माना गया है कि किचन यदि हमारी साउथ या साउथ ईस्ट में होती है तो वो बहुत अच्छी डायरेक्शन मानी जाती है किचन के लिए। तो यदि आपकी किचन साउथ ईस्ट में है तो किचन में जब हम जालियां लगवाते हैं चाहे वो आपके खिड़की पर है या आपके डोर पर है जो जाली लगती है ज्यादातर लोग उसको ब्लैक या ब्लू में लेते हैं। तो अकॉर्डिंग टू वास्तु साउथ और साउथ ईस्ट का जो कलर है वो ब्लैक और ब्लू एंटी कलर जाता है। प्लस यह आपके घर में आपके किचन में जो आपके किचन में सन की रेज़ आनी चाहिए। सन की किरणों को आने से रोकती है। ये जो हमारी ब्लैक कलर की यदि हम जाली वहां पे लगवा लेते हैं तो कोशिश करें आप जो जाली है गोल्डन कलर की या रेड कलर की या वाइट लगाएं। उसके ऊपर आप वाइट पेंट कर सकते हैं। गोल्डन कलर कर सकते हैं या मेरूनिश कलर कर सकते हैं। जिससे आपके जो यहां से यह कलर करने से आपके किचन का फायर एलिमेंट बैलेंस होगा। फायर एंड विंड एलिमेंट बैलेंस होता है। यदि हम अपने किचन की जाली का यह कलर रखते हैं। प्लस जब आपका यह तत्व बैलेंस होता है तो नेचुरली आपका जो फाइनेंस सेक्टर है वो अच्छा होता है।

किचन की जालियां साफ नहीं रहती तो पेट की बीमारियों का खतरा

किचिन की जाली को हमेशा साफ रखें। देखा गया है कि जब जाली बहुत ज्यादा ऑयल के कारण चिकट जाती है। यह जालियां ज्यादातर आपके एग्जॉस्ट वैन के आसपास की हो सकती हैं और किचन के अंदर चिमनी होती है उस पर भी घी जमता रहता है, जब ये चिमनी है हमारी एग्जॉस्ट के पास की जो जालियां है यदि वो बहुत चिकड़ जाती है तो ऐसे में देखा गया है कि घर में लोगों को पेट से रिलेटेड इशू आने लगते हैं। उनका पेट गड़बड़ रहने लगता है। घर वालों को पित्तकी भी शिकायत होने की संभावना होती है। यह ऐसा पाया गया है यदि यह चीजें आपके किचन में एक्सेस में हो जाए तो जो भी लोग इसे पढ़ रहे हैं वो नोट करें , अपने ऊपर, अपने घर के फैमिली मेंबर्स को क्योंकि जिनका ओरा वीक होगा वो इस तरह की बीमारियों को बहुत जल्दी अट्रैक्ट कर सकते हैं। तो आपका पाचन आपका जो डाइजेस्टिव ऑर्गन्स है सिस्टम है वह बिगड़ सकता है इसके कारण से।

किचन के Sink को हमेशा साफ रखना क्यों जरूरी

ऐसा देखा गया है कि किचन के जो आपके सिंक हैं, सिंक के पाइप हैं, ऊपर से तो आपका सिंक क्योंकि ज्यादातर सिंक के पाइप्स नीचे से कवर होते हैं। तो आप नीचे जो विशेष ध्यान रखें कि आपका नीचे की सिंक का जो पाइप है वह बिल्कुल नीट एंड क्लीन रहना चाहिए। उसके ऊपर काली काई या हरे रंग की काई नहीं लगनी चाहिए। जिसके कारण भी अगेन आपको स्टमक इशूज़ आ सकते हैं। और वहां से नकारात्मक ऊर्जा को सकारात्मक करने के लिए वहां पे आप एक कांच के बाउल में कपूर रख सकते हैं। जिससे वहां की नकारात्मक ऊर्जा आपके किचन की नकारात्मक ऊर्जा ठीक रहेगी। बैलेंस रहेगी और किचन में यदि आप ग्राइंडर और मिक्सर रख रहे हैं जितना भी टोस्टर या जितने भी हमारे बिजली के सामान है कोशिश करें इसको किचन के साउथ ईस्ट सेक्टर में रखने की। साउथ ईस्ट सेक्टर रखने से आपके किचन का फायर एलिमेंट बैलेंस होता है। हम सिर्फ तत्वों को बैलेंस कर लेते हैं या वास्तु के हिसाब से तो हमारे घर का काफी हद तक वास्तु ठीक हो जाता है। यदि सपोज आपकी किचन किसी कारण से गलत डायरेक्शन में भी है और आप उसमें यह एक्टिविटी यदि इस हिसाब से सेट कर लेते हैं तो किचन के और वास्तु दोष में कमी आ जाती है। इसको आप साउथ ईस्ट में रखें।

 

बिजली के उपकरणों के तार गुच्छों में उलझे नहीं होने चाहिए सीधा Negativity लाते हैं

देखा गया है कि किचन के बिजली के उपकरणों के जितने भी वायर्स होते हैं बहुत बारी हम वायर्स को खोलते नहीं है उनको हम लिपटे रहने देते हैं तोउलझे हुए वायर्स भी हमारे जीवन में एक कंफ्यूजन और घर के फैमिली मेंबर्स में टेंशन क्रिएट करते हैं। तो यह है छोटी सी जानकारी किचन से अपने घर में पॉजिटिव एनर्जी वास्तु के हिसाब से आप कैसे अट्रैक्ट कर सकते हैं।

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