देश से विपक्ष गायब हो रहा, क्या है बीजेपी की चाल है? बीजेपी में घुस रहे हैं बड़ी संख्या में कांग्रेसी तो क्या बीजेपी कांग्रेस युक्त हो गई है ? बंगाल के बाद अब पंजाब की बारी, इन तमाम विषयों पर हमारे साथ चर्चा की बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुधांशु मितल ने।
Ques—- बीजेपी कह रही है कि हमको देश को कांग्रेस मुक्त बनाना है।देश में इस समय विपक्ष बिल्कुल खत्म हो गया है। और अगर हम डेमोक्रेसी की बात करें तो कहा जाता है कि अच्छी डेमोक्रेसी तभी है जब आपका विपक्ष मजबूत हो। अब विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि बीजेपी जानबूझकर पूरे विपक्ष को खत्म कर रही है। क्या कहेंगे सर?
Ans ——मुझे यह बताइए कि कोई राजनीतिक संगठन जो चुनाव लड़ता है वो किसी दूसरे को जिताने के लिए लड़ता है क्या? स्वाभाविक तौर पर खुद जीतने के लिए लड़ता है। ये जनता जनार्दन है। ये तो जनता तय करती है कि कौन जीतेगा कौन विपक्ष में बैठेगा। हम पर इल्जाम लगाने की जगह उनको जनता के सामने अपना चेहरा ऐसा रखना चाहिए ताकि जनता उसको स्वीकार कर सके। अब खिसियारी बिल्ली खंबा नोचे ,हारने के बाद विपक्ष के कईं राग हैं जो वो अलापता है, आपको ध्यान है पहले ईवीएम ईवीएम होता था। अबकी बार मैं खुश हूं कि कम से कम ईवीएम का किसी ने बहाना नहीं लिया। पिछले लोकसभा में भी ईवीएम हो गया था। ठीक है? जितने चुनाव हुए उनमें ईवीएम हो गया था। अब नया आ गया कि इलेक्शन कमीशन ने करवा दिया। इलेक्शन कमीशन जो है बंगाल में तुम्हें हरवा देती है। आसाम में हरवा देती है। लेकिन तमिलनाडु में तुम्हें जीता देती है। केरल में तुम्हें जीता देती है। तो ऐसे बेतुके मतलब ऐसे तर्कहीन इल्जाम का कोई फायदा नहीं है।
Ques —-पर आरोप ये भी लगते हैं कि बीजेपी तोड़फोड़ की राजनीति करती है, दूसरे नेताओं को डरा कर धमका कर, लालच देकर तोड़ा जाता है। जानबूझकर दूसरी पार्टी को तोड़ा जा रहा है।
Ans——-एक संगठन बताएं बताइए जिस संगठन में दूसरे संगठन के लोग नहीं जाते। एक संगठन बता दीजिए मुझे। ऐसा होता है राजनीति में मैं किसी सोच के साथ किसी संगठन से जुड़ा। वहां का माहौल, वहां की जो सारी व्यवस्था है, वहां की जो सोच है, मुझे मेरे अनुकूल नहीं आती है। मुझे कुंठा हो जाती है। उसको छोड़ के किसी दूसरे संगठन में जाता हूं क्योंकि मुझे राजनीति के माध्यम से सेवा करनी है। अब इस वाले इंसान को मैंने कहा कि उंगली जब यूं दिखाई जाती है तो चार उंगलियां अपनी तरफ भी आती है। भाई अपने आचरण को देखो ना। किस आचरण में तुम लोगों ने लोगों को नहीं लिया। क्या congress जो एक राजनीतिक गठबंधन था उसको तोड़ के किसी दूसरे के साथ नहीं गई। डीएमके के साथ इतने साल तक रहे आपके एक दूसरे समय में आपको एक दूसरी व्यवस्था के प्रति आकर्षण दिखा तो हमें फट से छोड़ के चले गए। जब आप जा सकते हैं तो कोई व्यक्ति राजनीतिक दल ही बदल सकता है। देखिए राजनीति में विचार और संगठन बड़ा होता है। व्यक्ति छोटा होता है। संगठन जब हम भी अगर यह करेंगे तो हमारा भी हमारी भी हमारी तरफ उंगली उठेगी। जी जी।
हमें भी कटघरे में खड़ा जाए करा जाएगा। अगर हम राजनैतिक अनैतिकता का अंग बनेंगे तो हमें भी कटघरे पे खड़ा जाएगा। तो इसलिए कोई जब करता है तो वो कहे मुझे क्यों खड़ा कर रहे हो ये तो बेतुकने की बात है और कभी किसी और ने भी करा था। प्रश्न यह है कि जो इल्जाम आप लगा रहे हैं उस इल्जाम की सार्थकता हमने राजनैतिक दल बदलू हम तो है नहीं राजनीतिक हमारे तो वही साथी है वही सब लोग हैं ये तो आप लोग दल बदलू हम पे इल्जाम लगता है कि साहब शिवसेना का आपने करा नहीं हमने शिवसेना का नहीं करा शिवसेना जो ओरिजिनल है वो हमारे साथ है वो पहले भी साथ थी एनसीपी ओरिजिनल हमारे साथ है उनके घटक छोटे घटक कहीं निकल गए निकल गए उसकी जिम्मेदारी उन राजनीतिक संगठनों की है। भाजपा ने तो उन्हीं के साथ करा जो राजनीतिक दल है उनके साथ हमने समझौते करें।
Ques—-ममता बनर्जी की हार के बाद केरल में लेफ्ट खत्म , देश भर से लेफ्ट गायब हो गई और बहुत चर्चा में आजकल ये है। लेकिन अगर हम बीजेपी की बात करें तो 22 राज्यों में बीजेपी की सरकार है , कुछ में गठबंधन के साथ, मतलब देश में 70% भगवाकरण हो चुका है। ऐसे में 22 में से छह राज्य ऐसे हैं जहां पर वो मुख्यमंत्री बने हैं जो कांग्रेस से आए हैं या दूसरी पार्टी से आए हैं। तो एक बीच में एक नारा चल रहा है और अभी भी सोशल मीडिया पे अगर आप देखें कि बीजेपी कांग्रेस मुक्त करते-करते कांग्रेस युक्त बनती जा रही है?
Ans—- ऐसा है हमारे यहां तीन जो भाजपा के शासित राज हैं उनमें तीन व्यक्ति ऐसे हैं जो पहले कांग्रेस में रह चुके हैं। ठीक है तीन व्यक्ति हैं। अच्छा इन सबकी एक प्रामाणिकता है। हिमंता बिस्व सरमा को आज मुख्यमंत्री बनाया था ना पिछली बार उससे पहले 5 साल तक वो भाजपा की जो सरकार थी आसाम में उसमें मंत्री थे। मंत्री थे। प्रमाणिकता है। ऐसी शुभेंद्र जी की है। वो यह नहीं कि कल वो आए और आज मुख्यमंत्री बना देगा। उनकी प्रमाणिकता उन्होंने संगठन में रह के काम करा आगे बढ़े। अच्छा अगर संगठन में रह के काम करने वाले को आगे नहीं बढ़ाना है तो लेना क्यों है? तो जिस व्यक्ति ने अपनी काम करके अपनी विश्वसनीयता दिखाई, अपनी क्षमता दिखाई। तो आप जी यही बात नॉर्थ ईस्ट में भी कहेंगे अरुणाचल में कहिए चाहे मणिपुर चाहिए चाहे अरुणाचल अरुणाचल में तो आपको ध्यान नहीं है अरुणाचल में ये लोग पेमा खांडू मुख्यमंत्री थे जी और वो जो है वो जो है वो दल का उन्होंने विलय भाजपा में करा लेकिन पहले वो कांग्रेस में थे नहीं कांग्रेस को के साथ जो कांग्रेस दल था वहां का उसने भाजपा में विलय करा और जिस समय विलय करा उस समय पर वो मुख्यमंत्री थे तो
आप जो कह रही है उस तर्क में थोड़ा सा फर्क है।
Ques— ममता बनर्जी ने ऑफर किया कांग्रेस को और लेफ्ट को कि चलिए मिलकर हम एक साथ मिलकर बीजेपी के खिलाफ करेंगे और जहां तक कांग्रेस और बीजेपी लेफ्ट दोनों ने ही नकार दिया। आपको क्या लगता है कि इस पूरे घटनाक्रम के बाद खास तौर पर अगर हम पश्चिम बंगाल की बात करें तो सीधा झटका लगा है गठबंधन को। आप मानते हैं कि आगे जाकर क्या फिर से बनेगा यह गठबंधन दोबारा?
Ans—- देखिए यह बेतुका गठबंधन है। राहुल गांधी ममता को चोर कहते हैं, भ्रष्ट कहते हैं। और फिर यहां पे उनकी गलबैया करते हैं।हमसे कहते हैं कि आपके पास कोई फैक्ट्री है, क्लीनिंग फैक्ट्री है कि जिसको आप भ्रष्ट कर रहे थे वो जो है आपके साथ उस क्लीनिंग फैक्ट्री में ईमानदार हो जाती। अरे भाई हमारे यहां नहीं छोड़ो। तुम क्या कर रहे हो? तुम हमें जब इल्जाम लगा रहे हो तुम ये कर रहे हो ना जिसको तुमने भ्रष्ट कहा उसके उसके गले लग रहे हो तो तुम वो कर रहे हो और हम पे इल्जाम लगा रहे हो ये भी कमाल अजीब चीज है मतलब इसको कहते हैं उल्टा चोर कोतवाल को डांट रहा है भाई राजनीतिक तौर पे तुम कह रही है ममता भ्रष्ट है उसने सरकार ऐसी चलाई तुष्टीकरण की सरकार चलाई और फिर उसके गले लग रहे हो तुम, जिस गठबंधन में सारे जने एक दूसरे से राज्य स्तर पर लड़ते हैं उसमें आप सोचो वो केंद्र स्तर पर आके हम हमारे हमें चुनौती देंगे संभव है क्या जब तक आपस में राज्यों में उनमें समझौते नहीं होंगे तो हमें क्या चुनौती देंगे ,देखिए राजनीति में तुष्टीरण की मुस्लिम तुष्टीरण की जो सांप्रदायिक राजनीति है उसका अंत हो गया है। क्यों अगर तुम सांप्रदायिक राजनीति करोगे मुस्लिम तुष्टीरण की तो फिर उसका रिवर्स पोलराइजेशन ये हो जाता है। एक प्रतिक्रात्मक जो है संगठन हो जाता है। तो ये समझ ये ये बंगाल में हुआ या आसाम में हुआ। आसाम में जब टोपी पहन के तुम राजनीति करोगे तो ये समझ लो कि इसकी प्रतिक्रिया होगी होगी। आप तमिलनाडु में देखिए तमिलनाडु में आपने हिंदू को, आपने सनातन को जब गाली दी तो किस किस तरह से लोगों ने आक्रोशित होके डीएम के खिलाफ वोट करी है। तो ये सारे सबक जो राजनीतिक व्यक्ति है उसको पहले समझ आया।
Ques—- दो बातें हुई हैं सर इलेक्शन के बाद तुष्टिकरण की राजनीति और द्रविडियन पालिटिक्स वो ख्तम हुई है, आपका क्या कहना है?
Ans—— द्रविडयन से ज्यादा जो आइसोलेशन की पॉलिटिक्स है ना जो एलिटिज्म की पॉलिटिक्स है जैसे बंगाल था जी कि बंगाल भारत की मुख्यधारा से अलग है, यही था ना उनका ड्रामा बिल्कुल ऐसे तमिलनाडु तमिलनाडु मुख्यधारा से अलग है। तो ये लोग जो जो मुख्यधारा से अलग अपने को अलग बतलाते थे वहां की जनता ने उसको बताया रिजेक्ट कर दिया है। क्योंकि आज देश में हर व्यक्ति मुख्यधारा का अंग बनना चाहता है। जो राजनीतिक संगठन उनको मुख्यधारा से अलग करना चाहते हैं। उन संगठनों के जनता रिजेक्ट कर रही है।
Ques क्या अब पंजाब की बारी है, राघव चड्डा को ले आए और सात एमपी आए हैं भाजपा में?
Ans —पंजाब को अबकी बार जीतेगे क्योंकि पंजाब भी मुख्य धारा का अंग बनना चाहता है। और इसीलिए उसको जीतने के लिए जो जो चेहरे सामने रखने होंगे जो जो नेतृत्व रखना होगा वो जीतेगी। आज से कहना है की किसी एक व्यक्तित्व को नेतृत्व दिया जाएगा। मुझे लगता है ये अतिशक्ति है।
