By Arati Jain
दसवां घर खराब तो किसी की बुराई पीठ पीछे करने से बचें
कुंडली के नौ घरों की यात्रा पूरी हो चुकी है। आज दसवें घर के बारे में बात करते हैं। जैसा कि आपको पता ही चल गया है कि नौवा घर हमारा भाग्य का होता है और दसवां घर हमारे कर्म का होता है। तो अगर आपका दसवां और नौवा घर अच्छा है तो कर्म और भाग्य दोनों मिलकर के बहुत ही अच्छा आपको एक राजयोग देते हैं। क्योंकि कर्म अगर अच्छे हैं और साथ में भाग्य भी आपका साथ दे रहा है तो सोने पर सुहागा और उससे आप दिन दुगने रात चौगुनी प्रगति कर सकते हैं। पर अगर आपका सिर्फ भाग्य ही अच्छा है, कर्म आपको बार-बार धोखा देते हैं। कर्म आपको बार-बार रुकावट डालते हैं या आपका काम करने का मन ही नहीं करता तो कितना भी भाग्य अच्छा हो आप अपने को आगे नहीं बढ़ा सकते। दसवा घर हमारे पूरे कर्मों का होता है क्योंकि नौकरी हम छठे घर से देखते हैं। बिजनेस हम सातवें घर से देखते हैं और दसवां घर हमारे ओवरऑल कर्मों का होता है , जो भी कर्म अपने जीवन में करते हैं उसका निचोड़ हमारा दसवां घर ही होता है। साथ-साथ दसवां घर हमको हमारी जो मदर इन लॉ होती हैं मतलब सास। जैसे आप बहू है तो आपकी मदद इन लॉ सास या अगर आप आदमी है तो आपकी सास यानी आपकी पत्नी की मां । तो कई बार ऐसा होता है कि आपका कर्म बहुत अच्छा है। आपका भाग्य भी बहुत साथ दे रह है। पर कुछ ग्रहों की दृष्टि के कारण आपका अपनी सास संबंध अच्छा नहीं रह पाता। तो उसके लिए भी आपको जतन प्रतन करने पड़ेंगे। साथ ही साथ आपके जो ऑफिस का माहौल है आपका बॉस वह भी दसवें घर से ही देखे जाते हैं क्योंकि दसवां घर आपको एक अथॉरिटी देता है और आपके बॉस के साथ संबंध कैसे होंगे वो भी हम दसवें घर से ही देखते हैं। उसके लिए दसवें घर में बहुत कुछ देखना हेता है, जैसे कौन सा ग्रह बैठा है, कौन से ग्रह की दृष्टि है, किस नक्षत्र में है, कौन से ग्रह की दशा चल रही है? जो अब आपकी दशा चल रही है उसका दव घर से कैसा संबंध है अच्छा संबंध है बुरा संबंध है इन सब चीजों का निचोड़ ही हमको दसवें घर के बारे में बताएगा कई बार ये होता है कि आपका सब कुछ अच्छा चल रहा होता है अचानक ही आपके जीवन में एकदम से ही बॉस से अनबन हो जाती है। मदर इन लॉ से संबंध खराब हो जाते हैं या आपका काम करने का म नहीं करता तो इसका मतलब है कि दसवें घर में जो भी ग्रह है वह अपना प्रभाव अच्छा नहीं दे रहा या उसके ऊपर दृष्टि अच्छी उस टाइम पर नहीं आ रही। तो उसके लिए आपको बहुत ज्यादा ध्यान से अपनी कुंडली का विश्लेषण करवाना पड़ेगा और अपने कर्मों को देखना पड़ेगा कि हमारे कर्म कैसे हैं।
पीठ पीछे बुराई ना करें अपनी वाणी पर कंट्रोल रखें
तो सबसे पहले आपको अपनी मेहनत, जी हां मेहनत को एक क्रम से करना होगा। यह नहीं कि अंधाधुंध आप चल के कभी कुछ करा कभी कुछ करा। एक दिशा में रह के ही अपने कर्मों को करिए। साथ ही साथ ऑफिस में अपने बॉस के साथ संबंध अच्छे बना के रखिए। चाहे वो आपकी भाषा हो, चाहे वो आपको उनको रिस्पेक्ट देनी हो और पीठ पीछे कभी भी किसी की बुराई ना करें। अगर आप सामने बात अच्छी करते हैं पर पीठ पीछे बुराई करते हैं तो उससे भी आपका दसवां घर खराब होगा। साथ ही साथ मदर इन लॉ है। मदर इन लॉ के लिए आपको संबंध बना के अच्छे रखने हैं। और चाहकर भी कई बारी हम संबंध अच्छे बनाना चाहते हैं। और दूसरा अपना रिस्पस अच्छा नहीं देता। तो आप थोड़ी
दूरी बना लीजिए। थोड़ा सा डिप्लोमेटिक होके चलिए। थोड़ा सा अपने आपको ऐसा बनाइए कि आपको सामना ज्यादा ना करना पड़े। ना ही आपको कठिन वाणी का प्रयोग करना पड़े और ना ही आपको उनसे ऐसा दिखाना पड़े कि आप उनसे संबंध अच्छे बनाना नहीं चाहते या नहीं बना , पीठ पीछे बुराई करते हैं तो उससे भी आपका दसवां घर खराब होगा
चापलूस लोगों से बच कर चलिए
आपका दसवें घर का असर होगा चाहे वह अच्छा हो चाहे वह बुरा हो उसका असर चौथे घर पर यानी आपके घर के सुख शांति पर भी पड़ेगा क्योंकि अगर आपको बॉस अपने ऑफिस में तनाव है परेशानी है तो वो परेशानी तनाव आपका कहां निकलेगा आपको मन की शांति कहां मिलेगी आपका मन परेशान रहेगा आप घर में एक अच्छा माहौल नहीं बना पाएंगे तो इसके लिए आपको दसवें घर को अच्छा करने के लिए आपको अपने कर्मों पे बहुत ही ज्यादा ध्यान देना पड़ेगा। अपनी वाणी को ध्यान में रखना पड़ेगा। डिप्लोमेसी से आपको संबंध अच्छे बनाने पड़ेंगे सबके साथ और साथ ही साथ अपने लिए निगाह रखनी पड़ेगी दूसरों के ऊपर कि दूसराआपके सामने अगर मीठा बोल रहा है तो क्यों बोल रहा है क्योंकि जो एक डिप्लोमेट होता
है उसको हमेशा ही चौकन्ना रहना पड़ता है। अगर आपको अपने कर्मों को सुधारना है तो चापलूस लोगों से बचिए। जो आपके सामने आपकी तारीफ करते हैं। आपके सामने आपको दिखाते हैं कि आप तो बहुत महान है। आपके बिना उनका काम हो ही नहीं सकता। तो थोड़ी सी निगाह उनके ऊपर रखिए। उनका व्यवहार देखिए कि आपके साथ कैसा है, दूसरों के साथ कैसा है। तो इन सब बातों का ध्यान रख के आप अपने दसवें घर को अच्छा बना सकते हैं और अपने जीवन को सुखी और एक संतुलित जीवन बना सकते । जिससे आपका जो एक ऑफिस का माहौल है वो अच्छा बनेगा। आपको अपने जीवन मे तरक्की मिलेगी और अगर आपका भाग्य भी आपका साथ दे रहा है तो सोने पर सुहागा आप दिन दुगनी रात चौगुनी प्रगति करेंगे।
