Rahul Gandhi का मुद्दा- Congress कतई किसी और को नहीं देगी

अभी हाल ही में इंडी गठबंधन की बैठक में ममता बनर्जी और कांग्रेस के बीच अच्छी कैमिस्ट्री देखने को मिली, बाकायदा सोनिया गांधी ने खड़े होकर उनकी पीठ थपथपाई, लगने लगा था कि दोनों के बीच करीबियां बढ़ रही हैं, पर कहते हैं ना हाथी के दांत खाने के ओर होते हैं और दिखाने के ओर और यह कहावत कांग्रेस और ममता के बीच खरी साबित होती है, उपर से चाहे दोनों में बहुत करीबियां नजर आएं पर विचारधारा बिल्कुल अलग है, जी हां ताजा उदाहरण सामने है जहां पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मुख्य चुनाव आयुक्त यानी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन का खुलकर समर्थन कर रही है, वहीं कांग्रेस नेताओं और कॉकरोच जनता पार्टी के बीच छतीस का आंकड़ा चल रहा है, साफ है कि कांग्रेस किसी भी कीमत पर ज्ञानेश कुमार का मुद्दा CJP को नहीं देना चाहती क्योंकि राहुल गांधी इसी को लेकर बीजेपी को लगातार घेर रहे हैं , वहीं दूसरी ओर CJP वोट चोरी मुद्दे पर बीजेपी के साथ कांग्रेस को भी लगातार घेर रही है, जी हां CJP के दो प्रमुख नेता आशुतोष राणा और सौरभ दास ने अलग अलग ढंग से कांग्रेस पर वार किया , जहां आशुतोष राणा ने तंज कसते हुए कहा कि Democracy की बातें लंबे समय से सोशल मीडिया पर ही हो रही हैं, और कुछ सोचते हैं कि वो अकेले ही Democracy को बचाने वाले हैं, वहीं सौरभ दास लिखते हैं कि बीजेपी के अलावा कुछ और दल यही सोचते हैं कि भारत और संवीधान को वही बचा सकते हैं, पर इतने सालों से उनकी असफलता के कारण ही युवाओं को आगे आना पड़ा, साफ था कि कांग्रेस और राहुल पर जमकर निशाना साधा गया । वैसे आपको बता दें कि हाल ही में कांग्रेस ने CJP आंदोलन को शिक्षा मंत्री घर्मेंद प्रधान के इस्तीफे का credit देने से साफ मना कर किया था, उसके बाद ही दोनों में जुबानी जंग चल रही है।कांग्रेस नेता रितम सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि केजरीवाल के इशारे पर CJP कांग्रेस से दूरी बना रही है पर आसाम में जब पुलिस ने उन्हें Retain किया था तब मुसीबत के समय कांग्रेस ने ही CJP नेताओं को छुड़ाया था, पर उन्होंने कांग्रेस नेताओं से मिलने तक से मना कर दिया। साथ दिया था।

Tamilnadu ——विजय थलपति ने क्या किया DMK का दिल जला

तमिलनाडू में फिल्म स्टार विजय थलपति ने जब से वहां पर द्रविड राजनीती को साइड लाइन करके राज्य की गद्दी हासिल की है, उन्हें हर तरफ से हमले झेलने पड़ रहे हैं , लेकिन विजय अपने नाम के मुताबिक विजय ही हैं और इन हमलों को डट कर सामना कर रहे हैं, अभी हाल ही में विजय थलपति की महिला मित्र पर dmk पार्टी ने भद्दा मजाक किया था, जिसपर विजय काफी भड़के थे और अब विजय थलपति जब तमिलनाडू में होने वाले उपचुनावों का प्रचार प्रसार कर रहें हैं तो DMK प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और उनके बेटे, पूर्व मंत्री उदयनिधि स्टालिन बता रहे हैं, दरअसल विजय प्रचार करने के लिए मदुरंतकम और धारापुरम गए थे और वहां पर उन्होंने न केवल मतदाताओं से बातचीत की बल्कि जनता के साथ बैठकर चाय भी पी ली और यहां तक कि उनका ट्रैक्टर भी चला लिया। बस विजय का यह जनता का दिल जीतने वाला अंदाज बाप -बेटे यानी एमके स्टालिन और उदयनिधि स्टालिन को पसंद नहीं आया और तंज कस दिया कि मुख्यमंत्री ने मदुरंतकम में जाकर एक शूटिंग की है, चाय पीने का एक सीन किया और बाद में दिखावा करने के लिए दुकानदार को 500 रुपये भी दे दिए। यह भी कहा कि विजय थलपति पहली बार चाय की दुकान देख रहे हैं और ट्रैक्टर चला रहे हैं इस पर विजय ने भी पलटवार करते हुए कहा कि मैं जब चाहूंगा लोगों से मिलूंगा, आपको क्या दिक्कत है, विजय ने बाप-बेटे पर तंज कसते हुए यह भी कह दिया कि मैं ऐसा व्यक्ति नहीं हूं जो सिर्फ चुनावों के दौरान लोगों से मिलता है।