गद्दी गई तो सुर भी बदले – देने चले CJP का साथ

आंध्र प्रदेश में विपक्ष के नेता जगनमोहन रेड्डी जब राजनीति में थे और जीत कर गद्दी पर बैठ गए थे तो उन्हें NDA पर भी भरोसा था, मोदी पर भी और चुनाव आयोग पर भी लेकिन जैसे ही उन्हें अपने राज्य में हार का सामना करना पड़ा, उनके सुर बदलने शुरू हो गए और अब तो उनके सुर इतने बदल गए कि उन्हें चुनाव आयोग पर संदेह होने लगा और वो ना केवल CJP का साथ दे रहे हैं बल्कि उन्होंने आरोप भी लगा दिया कि की आंध्र प्रदेश में भी टीडीपी यानी चंद्रबाबू नायडू की सरकार का राज्य चुनाव आयोग से मिलीभगत है और वो आयोग का फायदा उठा रही है. यही नहीं संसद में चुनाव आयोग को लेकर किए गए फैसले में एनडीए सरकार का साथ देने पर अब उन्हे दुख भी हो रहा है। जगन ने कहा कि हमे अब दुख होता है. हमें इस बात का एहसास हो गया है कि हमें उस प्रक्रिया से सहमत नहीं होना चाहिए था जिसमें चुनाव आयुक्त को तीन सदस्सीय समिति चुनती है. उस समिति में पीएम, पीएम की तरफ से चुने गए एक नेता और विपक्ष के नेता होते हैं। वैसे जगन के इस अचानक बदले व्यवहार के पीछे माना जा रहा है कि लेफ्ट पार्टियों के साथ उनका तालमेल हो सकता है.

पहले आमिर खान को देश पसंद नहीं अब भांजे का भी यही हाल

अभी कुछ ही समय पहले आमिर खान ने कहा था कि भारत में माहौल ठीक नहीं और उनके इस बयान पर काफी बवाल मचा, फिल्म इंड्रस्टीज के अंदर ही बहुत से फिल्मी कलाकारों ने आमिर खान को लताड़ा, खैर इसके बाद आमिर खान ने कोई बयान तो नहीं दिया पर हां, उसके बाद से वो इस तरह के बयानों से दूर हो गए, लेकिन अब आमिर खान के भांजे भी लगता है मामा की राह पर चल निकले हैं पर इस बार देश की सरकार ने उन्हें अच्छी तरह से रगड़ लिया, जी हां हम यहां एक समय के एक्टर और आमिर के भांजे इमरान खान की बात कर रहे हैं जो खुद तो रहते हैं अमेरिका में पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई में हुए एक विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए । बस फिर क्या था इस बार सरकार ने उन्हें नहीं बख्शा। पता चला है कि फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस ने उन्हें नोटिस भेजकर उन्हें कारण बताने को कहा गया है कि उनका ‘ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया यानी OCI दर्जा रद्द क्यों नहीं कर देना चाहिए। इस नोटिस में इमरान खान को दिल्ली में CJP के ‘एंटी-Chief Election Commission विरोध प्रदर्शन में उनकी मौजूदगी का जिक्र है। नोटिस में साफ कहा गया है कि इस विरोध प्रदर्शन के लिए पुलिस से कोई अनुमति नहीं ली गई थी, और यह गैर-कानूनी था और इसी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया । एक्टर से इस पर 15 दिनों के अंदर जवाब मांगा गया है। आपको बता दें कि बीजेपी के एक पूर्व सांसद ने इमरान के इस प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर मुंबई पुलिस से शिकायत की थी , वैसे इस नोटिस को लेकर इमरान ने बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी है और कहा है कि नोटिस में कोई कारण नहीं बताया गया है और न ही अपना पक्ष रखने का कोई मौका दिया गया