Rahul Gandhi खुले में कर रहे अपनी महिला नेताओं की उपेक्षा
राहुल गांधी जिस तरह से नेहा बोरा को विरोध प्रदर्शन में लेकर के आगे बढ़ रहे थे या जिस तरह से नेहा बोरा को महत्व दिया जा रहा है उसके दो मायने निकल रहे हैं। पहला तो यह कि क्या राहुल या कांग्रेस अपनी महिला नेताओं की कॉस्ट पर ऐसा कर रही है, कांग्रेस में अपनी बहुत सी जूझारू महिला नेता हैं जो इस प्रदर्शन के आसपास भी नहीं रखी गई, महिला मोर्चा की जो राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं अलका लांबा के अलावा सुप्रिया श्रीनेत्र बहुत वोकल हैं। रागिनी नायक वो भी डसू की अध्यक्ष रह चुकी हैं। कुमारी शैलजा पुरानी नेता हैं। दलित समुदाय से आती हैं। लेकिन इन सबको पीछे रखा गया है। इन सबको पीछे रख के नेहा बोरा को आगे किया गया है। क्या वो नेहा वोरा में अगला कन्हैया करमार ढूंढ रहे पर इस कोशिश में वो अपने नेताओं को तो कहीं नहीं नाराज कर रहे हैं। हालांकि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। कोई नाराज हो, कोई खुश रहे। गांधी परिवार को की सेहत पर उससे फर्क नहीं पड़ता है। लेकिन ये पार्टी में इस बात को लेकर के बहुत चर्चा सुगबुगाहट कह लीजिए या पार्टी में इस बात को लेकर के बहुत ज्यादा बहस हो रही, चर्चाएं ये भी हैं कि कहीं नेहा वोरा को कन्हैया कुमार की तरह इस्तेमाल करके फैंक दिया जाएगा। कन्हैया कुमार अपना भी चुनाव हारे। तो क्या उस तरह की कोई जिम्मेदारी नेहा बोरा को कांग्रेस जीता करके देने के बारे में राहुल गांधी सोच रहे हैं इसलिए कि वह आयशा की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।
महिला नेता की चाहे गलती नहीं गाज गिरेगी—कहां है प्रियंका गांधी
हाल ही में यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने बडबोले नेता अजय राय को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर उनकी जगह पर आराधना मिश्रा यानी ‘मोना को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है पर कांग्रेस कार्यालय में पदभार ग्रहण समारोह में कांग्रेस में अंदरूनी गुटबाजी खुलकर सामने दिखाई दी, जब अजय राय और कांग्रेस की महिला नेता ममता चौधरी के बीच हुए जमकर विवाद हो गया और अजय राय के साथ बहुत बदतमीजी की गई जिसके विडीयो काफी वायरल भी हो रहे हैं और कांग्रेस की थूथू भी हो रही है, पर लगता है ये मामला अब थमने वाला नहीं है क्योंकि इसकी आग दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान तक पहुंच गई और पहुंचती क्यों नहीं क्योंकि बीजेपी इस बात का जमकर मजाक बना रही है, हाल ये है कि ममता चौधरी को दिल्ली तलब कर लिया गया है। लेकिन जहां ममता चौधरी ने इस पूरी घटना को दलित विरोधी करार दिया वहीं अजय ने इस मामले में ममता चौधरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। चर्चाएं गर्म है कि चाहे गलती अजय राय की ही निकले पर कांग्रेस अजय राय को नाराज नहीं करना चाहती है, क्योंकि प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने यूपी में बहुत काम किया और बीजेपी की नाक में दम करके रखा था, माना जा रहा है गाज ममता चौधरी पर ही गिर सकती है, देखना यही है कि महिलाओं के सम्मान पर बढ़चढ़कर बोलने वाले राहुल गांधी क्या करते हैं, क्या कहते हैं
