BAD BOY हैं पप्पू यादव तभी राहुल गांधी बनाकर रखते हैं दूरी

चर्चा यही चलती रही है कि बिहार के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव खूद को हमेशा कांग्रेस loyal , राहुल गांधी के भक्त, के रूप में ही पेश करने की कोशिश करते हैं, उनकी पूरी कोशिश रही की कांग्रेस पार्टी उन्हें अपना ले पर कांग्रेस तो क्या खुद राहुल गांधी ही उनसे हमेशा दूरी ही बनाकर रखते हैं, याद कीजिए बिहार में राहुल की रैलियों में पप्पू यादव को राहुल के मंच से दूर रखा गया और जब जब उन्होंने राहुल के आसपास फटकने की कोशिश की उन्हें बेज्जत करके दूर फैंक दिया गया, लेकिन इसके पीछे राजनीतिक एक्सपर्ट एक बड़ी वजह बताते हैं कि पप्पू यादव अपराधिक इमेज और गंदी भाषा का उपयोग साथ ही वो कब कहां, क्या बेतुका बोल जाएं किसी को पता नहीं रहता और ये बात लालू यादव से लेकर कांग्रेस और राहुल समझते हैं , इसलिए हर कोई उनसे दूरी बनाकर चलता है, और हाल ही में पप्पू यादव ने महिला आरक्षण को लेकर महिलाओं पर जो भद्दी, शर्मनाक टिप्पणी की , उससे तमाम पार्टी तो क्या खुद राहुल गांधी भी सोच सोच ही रहे होंगे कि गनीमत है पप्पू उनके करीबी नहीं माने जाते, जी हां आपको बता दें कि पप्पू यादव के एक बयान ने शर्म की सारी सीमाएं तोड़ दी और बिहार से लेकर देश की राजनीति में इसकी चर्चा हो रही है, उन्होंने कहा कि महिलाओं पर गिद्ध दृष्टि किसकी है? अमेरिका से लेकर भारत तक, फिर वो खुद ही उसका जवाब देते हुए कहते हैं कि नेताओं की। नेता के रू… के बगैर 90 फीसदी महिलाएं राजनीति नहीं कर सकतीं। पप्पू यादव रूकते नहीं और बोलते हैं कि मैंने सदन में 75 फीसदी नेताओं , आगे आप समझ सकते हैं कि वो क्या बोल रहे हैं, बस इस बयान के आने के बाद हर कोई पप्पू यादव से किनारा कर रहा है और बिहार से लेकर देश की राजनीती में उनका यह बयान चर्चा का विषय बन गया है, इसके विरोध में कईं महिला संगठन खड़े हो गए हैं , कहा यही जा रहा है कि सांसद पप्पू यादव को किसने ये अधिकार दिया कि वो राजनीती में सक्रिय महिला नेताओं को इस तरह बेज्जत करें उनके पास कौन सा सर्वे है, आधार है जो वो 90 फीसदी महिला नेताओं को शारीरिक रूप से समझौतावादी बता रहे हैं। माना यही जा रहा है पप्पू यादव को यह बयान यह बता रहा है कि अगर राजनीति में महिलाएं आती हैं तो उनके साथ गलत हो जाएगा, वो समझौते के लिए तैयार र

वसुंधरा राजे का RSS को पत्र बगावत की कहानी या कोई Conspiracy

सभी जानते हैं कि राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया का मोदी और अमित शाह से हमेशा छतीस का ही आंकड़ा रहा है, और अपने बेटे के राजनीतिक भविष्य को देखते हुए वसुंधरा ने राजस्थान में अपना मुख्यमंत्री पद का दावा छोड़ दिया था, तब से अब तक वसुंधरा गुमनामी में ही नजर आ रही हैं पर हाल ही में उनका एक कथित पत्र इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हो रहा है। दावा किया जा रहा है यह पत्र वसुंधरा ने RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत को संबोधित करके लिखा है और इस पत्र में महिला आरक्षण बिल को परिसीमन से जोड़ने पर कईं सवाल उठाए हैं।यह पत्र जब सामने आया है जब महिला आरक्षण विधेयक का संशोधन प्रस्ताव लोकसभा में गिर गया । वैसे खबर ये भी लगी है कि इसके सामने आने के बाद पुलिस ने मध्य प्रदेश कांग्रेस के आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार भी कर लिया है। इस पत्र से जाहुर तौर पर बीजेपी में हलचल मची हुई है, पर वसुंधरा तो वसुंधरा हैं उन्होंने तुरंत एक्स पर अपना संदेश लिख दिया और इस पूरे प्रकारण को शुभचिंतकों की कारवाई बताते हुए लिख दिया कि सांच का आंच नहीं, , इसका मतलब यही होता है कि सच्चे व्यकित को किसी का डर नहीं होता । अब राजनीतिक गलियारों में इसपर दो तरह के अर्थ निकाले जा रहे हैं पहला तो उन शुभचिंतकों पर कमेंट किया है जिन्होंने वसुंधरा से गद्दारी की और यह अफवाह फैला दी और दूसरा यह भी माना जा रहा है कि वसुंधरा कह रही हैं कि वो जो कह रही है सच है और सच्चे आदमी को सच्चाई सामने आने का कोई डर नहीं रहता। अब इन दोंनों अर्थों के पीछे सच क्या है ये तो खुद वसुंधरा ही जानती होंगी पर कांग्रेस को मौका मिल गया है बीजेपी को घेरने का और मध्यप्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कह भी दिया कि वसुंधरा राजे का यह पत्र महिला आरक्षण की आड़ में अवैध परिसीमन करने के संभावित षड्यंत्र की ओर गंभीर संकेत करता है।

Rahul Gandhi कुकिंग करें प्रियंका संभाले गठबंधन-किसने किया तंज

लगता है आजकल लालू के बड़े पुत्र , तेजप्रताप नेताओं पर कमेंट करने, उन्हें सलाह देने, उनकी गलतियां बताने का ही काम , हाल ही में उन्होंने तेजस्वी पर कमेंट किया था कि वो जनता से पूरी तरह कट गए हैं और RJD के विधायक कभी भी उन्हें छोड़कर जा सकते हैं और अब तेजप्रताप ने तेजस्वी के मित्र कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी एक सलाह दे डाली है, पर ये सलाह कम और राहुल पर किया गया कड़ा तंज ज्यादा लगता है, तेजप्रातप ने कहा है कि राहुल को राजनीती से दूर रहकर कुकिंग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल कुर्सी का लालच छोड़ें और मुर्गा-मीट बनाते रहें और प्रियंका गांधी को गठबंधन चलाने दें।लग रहा है कि तेज प्रताप यादव राहुल से किसी बात पर पूरी तरह से नाराज बैठे हैं इसलिए उन्हें एक तरह से बेज्जत करने वाले तमाम बयान दिए, तेजप्रताप ने यह भी कहा कि राहुल गांधी शुरू से बुलेट चलाते थे पर उनका शौक पूरा नहीं हो पाया, अब इनको कुर्सी पर बैठने का लालच हो गया है पर राहुल लालचपंती से दूर रहें।तेजप्रताप ने साफ कहा कि प्रियंका गांधी इंदिरा गांधी जी की तरह हैं और वही गठबंधन चला सकती हैं राहुल गांधी जी से यह चलने वाला नहीं है। यात्रा निकलने से, बुलेट पर बैठने से कुछ होने वाला नहीं है।’

 

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