हाल ही में हुए MLC चुनावों में कांग्रेस को तो झटका लगा ही है, लेकिन उससे ज्यादा बीजेपी को लगा है, हालांकि बीजेपी काफी सीटे जीत गई पर नागपुर और वाराणसी की सीट पर बीजेपी की हार ने उसके तमाम कद्दावर नेताओं के मुंह बंद कर दिए हैं, बड़ी बात ये हैं कि नागपुर जोकि rss का गढ माना जाता है, और बीजेपी के कद्दावर नेता नितिन गडकरी वहीं से आते हैं ऐसे में यहां पर बीजेपी पूरे 50 साल बाद हारी है, जो अपने आप में बड़ी बात है। महाराष्ट्र में बीजेपी 6 में से केवल एक सीट जीतने में कामयाब हो पाई है और ऐसे में देवेंद्र फणडवीस पर भी अंगुलियां उठ रही हैं तो अब जाहिर सी बात है कि इस हार पर आलाकमान नेताओं में जबरदस्त मंथन चल रहा है और हार की ढींकरा फोड़ने के लिए सिरों की तलाश भी की जा चुकी है।जी हां पता चला है कि इस शर्मनाक हार के लिए शिवसेना शिंदे की पार्टी को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है कि उनके सहयोग ना मिलने से बीजेपी का ये हाल हो गया और एक बार फिर शिंदे और बीजेपी के नेता आमने-सामने आ गए हैं, महाराष्ट्र में बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने शिंदे पार्टी को चुनाव में सहयोग ना दिए जाने का आरोप लगाया जबकि शिंदे पार्टी सीधे कह रही है कि मतदाताओं की नाराजगी के कारण ऐसा हुआ , उनका ये भी कहना है कि नागपुर में बीजेपी के पूर्व विधायक अनिल सोले ने बगावत की थी जिसपर बीजेपी अपने अंदर झांके और ध्यान दे।
