RAHUL GANDHI -जंतर मंतर से दूरी कारण बड़ा भी खरा भी
कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन अनशन लगातार जंतरमंतर पर चल रहा है और एकबात जो चर्चा का विषय बनी हुई है कि कॉकरोच जनता पार्टी के जो संस्थापक हैं अभिजीत दीपके उन्होंने राहुल गांधी के ना आने पर कुछ बोला है, लेकिन सवाल यही है कि राहुल गांधी क्यों इससे दूरी बनाए हुए हैं? पिछले कुछ समय से इस आंदोलन को इस अनशन को आम आदमी पार्टी सपोर्ट कर रही है समाजवादी पार्टी भी सपोर्ट कर रही है। ममता बनर्जी भी सपोर्ट कर रही है और कहीं जो जाने माने नेता जैसे कपिल सिबल है शशि थरूर , उन्होंने बकायदा अपील की है सोनम वांनचुक से भूख हड़ताल खत्म करने की। लेकिन राहुल गांधी ने इससे क्यों दूरी बनाई हुई है जबकि मुद्दा राहुल गांधी भी धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री ,उनके इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार इधर-उधर आंदोलन कर रहे हैं। युवाओं के बीच में जा रहे हैं। और इसी मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी है उसके सारे नेता जंतरमंतर पर बैठे हुए हैं। तो ऐसा अब क्या हो गया है कि राहुल गांधी जो हैं उन्होंने इस बारे में कुछ नहीं कहा है। दूरी बनाई हुई है और इसके पीछे एक बड़ी वजह जो निकल कर सामने आ रही है।
कभी बनाते थे जिनका मजाक आज उन्ही की जरूरत
जो कांग्रेस के नेता हैं और जो कांग्रेस के सपोर्टर हैं वो कुछ ऐसे ट्वीट लगातार वायरल कर रहे हैं जो अभिजीत ने आज से दो-ती साल पहले राहुल गांधी का मजाक उड़ाते हुए लिखे थे और राहुल गांधी पर कई तरह के तंज कसे थे , 2022 में अभिजीत ने एक ट्वीट किया जो आजकल काफी फेमस हो रहा है ,उन्होंने राहुल गांधी की जो भारत जोड़ो यात्रा को लेकर कहा था कि वो एक ट्रेवल ब्लॉक बनकर ही रह जाएगी।एक और ट्वीट उन्होंने किया था अभिजीत ने जो भी जो भी काफी चर्चा का विषय बना हुआ है कि जब राहुल गांधी मैदान में होते हैं, फील्ड में होते हैं तो बीजेपी की जीतने की राह आसान हो जाती है। इसी तरह के कई ट्वीट हैं जो लगातार वायरल हो रहे हैं, सामने आ रहे हैं और लोग क्वेश्चन कर रहे हैं। कांग्रेस जनता पार्टी केसंस्थापक और उनके साथ जुड़े जो लोग हैं जो कह रहे हैं कि विपक्ष हमारा साथ नहीं दे रहा। तो आप वही लोग हैं जो कल तक विपक्ष पर ताना कसते थे, तंज कसते थे। राहुल गांधी के बारे में तमाम तरह की बातें बोलते थे और वो भी देश में बैठकर नहीं अमेरिका में बैठकर आप ट्वीट करते थे। देश की पॉलिटिक्स के बारे में, देश के नेताओं के बारे में। आप अमेरिका में बैठे हैं और राहुल गांधी की यात्रा पर आप ट्वीट कर रहे हैं। राहुल गांधी के आचार विचार पर उनके उठने बैठने पर आप ट्वीट कर रहे हैं। आप देश में भी नहीं है और अब देश में आके अब जब अनशन पर बैठे हैं तो आपको राहुल गांधी याद आ गए हैं। और यही माना जा रहा है कि शायद इसी कारण राहुल गांधी ने इस आंदोलन से दूरी बना कर रखी है क्योंकि बहुत सारे ट्वीट अभिजीत के सामने आ गए हैं। वायरल हो गए हैं। जिनमें वो लगातार राहुल गांधी पर लगातर तंज कस रहे हैं।
reel और real जिंदगी में फर्क समझ गए होंगे काकरोच पार्टी
इन सबके बीच एक बड़ा सवाल यह भी आ रहा है कि आज अभिजीत दीपके जब उन्होंने पार्टी का गठन किया था में मई 2026 में उन्होंने शायद पार्टी का गठन किया है। ये 2026 में उन्होंने पार्टी का गठन किया और कुछ ही घंटों में कहा जाता है कि उनके करोड़ों फॉलोअर्स थे जो सब्सक्राइब कर रहे थे करोड़ों बन गए थे। तो जब आपकी पार्टी जब आपने इसको ल्च किया आपके इतने सारे फॉलोअर्स बन गए और जब वास्तविकता में आपको उन फॉलोअर्स की जरूरत पड़ी तो वो वो आपके साथ नहीं आए। वास्तविकता में आपको क्यों जरूरत पड़ रही है अपने आंदोलन को सफल मनाने के लिए कद्दावर नेताओं की जानेमाने नाम की कि वो आपसे जुड़े आपके आंदोलन सफल हो। ये क्या कारण हुआ? और इसके पीछे जो एक्सपर्ट है जो जुड़े हैं जो लगातार मॉनिटर कर रहे हैं सोशल मीडिया की दुनिया को उनका साफ कहना है कि सोशल मीडिया यानी रील और रियल लाइफ बहुत ज्यादा डिफरेंस होती है। रियल लाइफ में 20 मिनट 20 सेकंड की या 1 मिनट की रील बनाना बहुत ज्यादा आसान होता है। भाषण देना कुछ नारे लगाना बहुत ज्यादा आसान होता है। लेकिन जब आप रियल दुनिया में आते हो नीति बनाना लोगों को साथ रखना लोगों को जोड़ के रखना उनको अपने साथ बुलाना फिजिकली ये बहुत इन दोनों में जमीन आसमान का अंतर होता है और जब कॉकरोच जनता पार्टी को इतने सारे फॉलोअर्स मिल गए सब्सक्राइबर मिल गए तो रील की हकीकत उन्होंने सामने रखी उनको लगा कि हम आएंगे इंडिया जंतरमंतर पर बैठेंगे और पूरे करोड़ों के करोड़ों जो उनके फॉलोअर्स हैं उसके अलावा और भी लोग हैं जो जुट जाएंगे और वो सरकार को झुका कर ही दम दम देंगे दम
लेंगे लेकिन ऐसा हुआ नहीं इसका रिवर्स हुआ लोग जुड़े शुरू में लोग जुड़े लेकिन धीरे धीरे धीरे धीरे वो इस आंदोलन से अलग होते रहे , अब अनशन को सक्सेस बनाने के लिए क्यों अभिजीत को अब जानेमाने चेहरों की कांग्रेस की और विपक्ष की जरूरत पड़ गई है और उन्हीं नेताओं की जरूरत पड़ गई है जिनका आप कल तक मजाक उड़ाते थे, उनको आप बुलाना चाह रहे हो।
युवा भी क्यों दूर हुआ इस आंदोलन से
एक दूसरी बात जो युवाओं को इस आंदोलन से थोड़ा दूर कर रहा है कि जो वहां पर नारे लग रहे हैं जो वहां बातें हो रही हैं जो देश विरोधी जो चीजें हो रही हैं उससे कहीं ना कहीं युवाओं को लग रहा है कि हमको कहीं ठग तो नहीं लिया गया है क्योंकि वो जुड़े वहां थे नीट की परीक्षा में जो धांधली हुई थी उसको लेकर के धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर युवा वहां जुड़ा था जो एक बहुत जायज मांग थी उस समय की लेकिन वो वहां कुछ नहीं हुआ शुरू में हुआ उसके बाद जो जो लोग वहां से जुड़ने लगे वो ज्यादातर वो थे जो देश विरोधी एक्टिविटीज में इनवॉल्व थे। सरकार के अगेंस्ट थे। सरकार के सारे कामों पर जो लोग कटाक्ष करते थे वो लोग वहां जुड़ने लगे। तो युवाओं को कहीं ना कहीं ये लगा कि ये जो मुद्दा है जो अनशन है ये युवाओं के लिए नहीं है। ये युवाओं का के मतलब के लिए नहीं है। ये उनके लिए नहीं है। ये शिक्षा को लेकर नहीं है। ये तो एक सरकार विरोधी एक आंदोलन है और सरकार को कमजोर करने की देश को कमजोर करने की कुछ बातें यहां की जा रही है। तो यह शायद एक बड़ा कारण था कि युवा भी इससे हटे।
