17वीं शताब्दी में औरंगजेब ने बनावाया

तमिलनाडु राज्य की राजधानी चेन्नई से लगभग 50 किमी दक्षिण में कडप्पकड़ा किला यानी आलम पराई किला, 17वीं शताब्दी में औरंगजेब के अधीन मुगल साम्राज्य द्वारा बनवाया गया था। यह किला अपनी वास्तुकला के चलते काफी मशहूर है । माना जाता है यह किला यूरोपियन और इंडियन आर्किटेक्चर का मिश्रण है । किले के प्रवेश द्वार  जटिल नक्काशी और तमाम तरह के डिजाइन  से सजाई गई है।  कला की कद्र करने वाले कला प्रेमियों को यह किला जरूर पसंद आएगा। उनके  लिए यह किला अवश्य देखने के  योग्य है ।

किले ने भारत और अन्य देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के लिए निभाई महत्वपूर्ण भूमिका 

आलम पराई किला भारत के साउथ में तमिलनाडु में स्थित एक ऐतिहासिक किला है  यह उस समय के  साम्राज्य के लिए कोस्टल सेफ्टी और समुद्र के जरिए  व्यापार के मॉडल के रूप में कार्य करता है आलम पराई किले के बारे में एक प्रसिद्ध तथ्य यह भी है कि इसने भारत और अन्य देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।  यह किला नमक,  घी और अन्य वस्तुएं जैसे सामानों में विभिन्न स्थानों का निर्यात के लिए एक महत्त्वपूर्ण हार्बर माना जाता था।

गोला बारूद  के  भंडारण के लिए बाकयदा  भूमिगत कमरे भी बने हुए 

किले में कई इमारतें हैं जो समय की कसौटी से खरी उतरी हैं जिनमें मस्जिदें , अन्न भंडार , गोदाम,  सेना के लिए  भवन और गोला बारूद  के  भंडारण के लिए बाकयदा  भूमिगत कमरे भी बने हुए हैं।किलेके आसपास का वातावरण शांतिपूर्ण और सुंदर है और बे ऑफ बंगाल के करीब इसका  होना इस किले के महत्व को और बढ़ा देता है. यह स्थान अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करता है । इसके अलावा किले परिसर में एक म्यूजियम भी है जहां क्षेत्र के इतिहास के बारे में अधिक जानकारी प्रदान करने के लिए कलाकृतियां हथियार और अन्य कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं ।

पॉन्डिचेरी हवाई अड्डे से यहां पहुंचने में लगेंगे 50-60 मिनट

अगर आप भी साउथ इंडिया के सफर पर निकल रहे हैं तो आलम पराई किला घूमना ना भूलें यहां तक पहुंचने के लिए पॉन्डिचेरी हवाई अड्डा आलम पराई किले तक पहुंचने के लिए सबसे से नजदीक है पॉन्डिचेरी हवाई के अड्डे से अलंपराई किले तक की ड्राइव करने में लगभग आपको 50 से 60 मिनट का वक्त लगेगा।