लगभग 100 साल पहले समुद्र में छोड़ी गई 1020 bottle, क्या रहस्य
समुद्र यानी किसी के अंदर काफी एक्सपेरिमेंट्स चलते रहते हैं। लेकिन आपके होश उड़ जाएंगे जब आप सोचेंगे कि एक ऐसा एक्सपेरिमेंट जो आज से 150 साल पहले करीब हुआ था और जिसके अंदर 1020 बोतलें समुद्र के अंदर फेंक दी गई थी। अब वो बोतलें क्यों फेंकी गई थी और वो एक्सपेरिमेंट क्या था? साल 1606 में साइंटिस्ट ने समुद्र में 1020 बोतलें फेंकी थी। आखिर इन बॉटल्स के अंदर ऐसा क्या था? और साइंटिस्ट इन्हें समुद्र में छोड़कर क्या पता लगाना चाहते थे? 1906 में समुद्र में फेंकी गई 1020 बॉटल्स का कोई साधारण बोतल नहीं थी। इनके पीछे था एक ऐसा साइंटिफिक एक्सपेरिमेंट जिसमें साइंटिस्ट समुद्र में एक छुपी हुई ताकत को समझना चाहते थे। उस वक्त ना सेटेलाइट्स मौजूद थे ना ही अंडर वाटर सेंसर्स। इसलिए साइंटिस्टों ने एक अजीब तरीका निकाला। बोतल को समुद्र में छोड़ दिया और फिर इंतजार करने लगे कि आखिर यह कहां पहुंचती है। लेकिन असली रहस्य यहीं से शुरू होता है। क्योंकि इन बॉटल्स की लोकेशन से साइंटिस्ट समुद्र के अंदर बनने वाली करंट्स की डायरेक्शन का पता लगा सकते थे। इस बॉटल्स को इस तरह से वेट किया गया था कि ये समुद्र की सतह पर तैरने के बजाय इसे सी फ्लोर से थोड़ा ऊपर करंट्स के साथ ड्रिफ्ट करे। और फिर सामने आया एक चौंकाने वाला रिजर्व जिसने साइंटिस्टों को समुद्र के अंदर ही इनविज़िबल करंट्स की एक नई तस्वीर दे दी। लेकिन पानी का सबसे भयंकर ट्विस्ट अभी बाकी था। 1906 में छोड़ी गई इन बॉटल्स में से एक बोतल 108 साल बाद जर्मनी के आर्म लाइन में मिली है। यानी साइंटिस्ट जिस बोतल को समुद्र में छोड़ा था वो वापस आने में एक सदी से भी ज्यादा समय ले गई। एक छोटी सी बोतल और समुद्र में छुपी हुई करंट्स की इतनी बड़ी रहस्य। सच में कुदरत के अंदर छुपी दुनिया की कभी-कभी इंसानों के बनाए किसी भी एक्सपेरिमेंट से ज्यादा हैरान कर देती है।
एक शहर जहां पहुंचकर लगे दूसरी दुनिया में पहुंच गए
दुनिया का एक ऐसा शहर जो अलग है। हर चीज इतिहास है और हर एक पत्थर सैकड़ों साल की बातें अपने अंदर छुपाए हुए हैं। ये जगह अतीत और वर्तमान के बीच खड़ी है। जहां हर कदम पर लगता है जैसे आप किसी पुराने जमाने में चल रहे हैं। यहां के लोग जल्दी नहीं भागते क्योंकि यहां समय को महसूस किया जाता है ना कि दौड़ाया जाता है। पुराने घर, पतली गलियां और ऊंचाई पर बना हुआ एक विशाल किला जो पूरे शहर के ऊपर नजर रखता है। यहां मौसम पल भर में बदल जाता है। कभी धुंघ, कभी बारिश और कभी अचानक धूप। जैसे कुदरत खुद कहानी सुन रही है। इस शहर में रातें भी खामोश नहीं होती। और अंधेरे में कोई ना कोई कहानी छुपी होती , यह जगह तेज जिंदगी के लिए नहीं बनी। यह जगह ठहरने के लिए बनी है और इस अनोखे शहर का नाम है एडिबर्ग जो कि स्कॉटलैंड में स्थित है, ऐसी जगह भी धरती पर मौजूद है। सबसे पहले धरती का मंगल ग्रह यानी कि जॉर्डन की वादी में रूम डेजर्ट जहां लाल रेत, विशाल चट्टाने और अजीब आकार के पहाड़ इसे एक दूसरी ग्रह जैसा बना देते हैं। और इसी अनोखे नजारे की वजह से दी मार्श जैसी साइंस फिक्शन फिल्मों की शूटिंग भी की गई है। दूसरी जगह है बेलीच द ग्रेट डू जो ऊपर से देखने पर समुद्र में बने किसी रहस्यमई दरवाजे जैसा लगता है। यह हजारों साल पहले बनी चूने पत्थर की गुफा का हिस्सा माना जाती है जो समुद्र का स्तर बढ़ने से पानी में डूब गईl
