विचारों की लडाई—अन्ना हजारे -कुमार विश्वास आमने-सामने
CPIM की वरिष्ठ नेता बृंदा कारत से कईं विषयों पर बातचीत की संवाददाता अनु जैन रोगतगी ने, इसमें केरल की हार के बाद देश से left का खात्म, काकरोच पार्टी, दहेज के मामले जैसे मुद्दों पर बृंदा कारत ने खुलकर जवाब दिए।
Ques——-चर्चा चल रही है कि देश भर से सफाया हो चुका है लेफ्ट पार्टी का। क्या स्ट्रगलिंग डेज वापस आ रहे हैं और किस तरह से आप इसको देखती है?
Ans——पहली बात यह है कि सफाया तो हुआ ही नहीं और जो ये सपना देख रहे हैं बीजेपी लीडर्स , बयान दे रहे हैं कि अभी भारत कम्युनिस्ट मुक्त हो गई तो वो बहुत जल्द निराश होंने वाले हैं, क्योंकि कम्युनिस्ट भारत की धरती पर जन्मे हैं। काम किए हैं।
पहले भी आज भी और भविष्य में जब तक इस धरती पर शोषण होगा गरीब मजदूरों का, किसानों का, महिलाओं को समाज से ये लाल झंडा कभी खत्म होना ही नहीं है।
Ques——आपने कहा कि ग्राउंड लेवल से जुड़ी हुई है पार्टी और ये कभी खत्म नहीं होगी। तो कॉकरोच जनता पार्टी की जरूर बात करेंगे। मुद्दा है जो छाया हुआ है ,अन्ना हजारे ने भी इसको सपोर्ट किया है। आपका क्या मानना है इस पार्टी के बारे में?
Ans——-कॉकरोच जनता पार्टी एक विशेष परिस्थिति में जब चीफ जस्टिस ने इस प्रकार की टिप्पणी की उसका जो एक पूरा
एक रिएक्शन था जो यूथ है क्योंकि आज बेरोजगारी का जो एक
हद है हमारे देश में और हमें नीट एग्जाम के साथ जो हुआ तो बहुत सारे ऐसे मुद्दे मिल गए थे और कॉकरोच जनता पार्टी का जन्म
हुआ , और एक्सप्रेशन का अधिकार हमारे संविधान देता है। देखिए बीजेपी और आरएसएस के जितने भी ये इनका इको सिस्टम है किस प्रकार उन्होंने रिएक्ट किया। ब्लॉक कर लिया Instagram
ब्लॉक कर दिया Facebook बोलने लगे ये सब पाकिस्तान का किया धरा है। पर उनके पास पूरे डाटा है ये 90% से ऊपर मतलब 95% से
ऊपर ये हमारे देश के युवाओं ने साथ दिया है।
Ques —-इस समय जो हालात हैं जैसे कॉकरोच जनता पार्टी सामने आई उसके बाद एक हिट पार्टी सामने आ गई। उसके भी फॉलोअर्स बहुत ज्यादा बढ़ गए और काफी लोग उसको भी फॉलो कर रहे हैं। तो ये विचारों की लड़ाई आपको लग रहा है कि युवाओं में भी
इस समय विचारों की लड़ाई चल रही है या एक प्रोपोगेंडा है जो उसको उठाया जा रहा है।
Ans—— मुझे लगता है कि ये विचारों की लड़ाई ,हिट का मतलब क्या है? वो स्प्रे है जो कॉकरोच को मार डालता है।
इसका मतलब कॉकरोच जनता पार्टी ने जो भावनाओं को प्रकट किया जो उन्होंने कहा कि हमें जात पात नहीं हमें असली मुद्दे
चाहिए बेरोजगारी की महंगाई की सामाजिक न्याय की करप्शन के खिलाफ उसप आप क्यों हिट करना चाह रहे हैं? क्यों आप हिट करना
चाह रहे हैं? क्या यह मुद्दों में कोई गलत है क्या? तो इसलिए विचारों की लड़ाई जरूर है और मैं समझती हूं कि किसी के भी अधिकार नहीं
है। किसी सरकार के अधिकार नहीं है कि उनके विचारों का रोका जाए।
Ques —— एक और बात बहुत इंटरेस्टिंग है कुमार विश्वास को लेकर , वो कवि भी है संवेदनशील में लेकिन इस तरह का जो बयान उनका कॉकरोच पार्टी को लेकर आया शायद आपने सुना नहीं होगा काफी रील उनकी वायरल हो रही है उनका कहना है कि कॉकरोच अंधेरे में पनपते हैं गंदगी फैलाते हैं और जहां भी जाते हैं उस व्यवस्था को खत्म कर देते हैं तो उनको हिट करके खत्म करना है , सब जानते हैं कुमार विश्वास भी कभी ना कभी अन्ना हजारे की टीम का एक बहुत बड़ा पार्ट थे। तो एक तरफ अन्ना हजारे जो सपोर्ट कर रहे हैं। दूसरी तरफ कुमार विश्वास इसका विरोध है।
Ans—— कोई भी कुछ भी कह सकता है। अब वो कह रहे हैं कि कॉकरोच अंधेरे में पलते हैं। तो कमल का फूल कीचड़ में पलता है। तो उसमें कौन सी बात है? ये विचारों की लड़ाई ही है ।
Ques——-अचानक कुछ पिछले कुछ दिनों से दहेज हत्या के बहुत से मामले सामने आए हैं, आपको लगता है कि दहेज कभी खत्म ना होने वाली मांग बन गया
Ans——-अगर आप केवल डाटा पर जाते हैं तो ncrb का जो डाटा है वो दिखाता है कि हर साल 6000 से 7000 हर साल यंग वुमेन जिनकी शादी छ साल के अंदर अंदर हुई है उनकी डेथ या जबरदस्ती ऐसी परिस्थिति बनाई गई जिसमें आत्महत्या करने को मजबूर किया आप देखिए पिछले 10 साल में लगभग 7000 से 70 हजार महिलाओं के इस परंपरा इस सो कॉल्ड ट्रेडिशन के नाम परm जी हत्या हुई है, हकीकत ये है कि आज हमारे पूरे अगर आप
सरकारी माहौल को देखते हैं। नारी शक्ति की परिभाषा को अगर आप सरकारी शब्दों में देखते हैं तो घर के अंदर जो वायलेंस है उस
पर पूरे तौर पर एक ढकने लग गई है। ढक गया है। क्यों? क्योंकि आदर्श परिवार में यह सब नहीं हो रहा है। दूसरा पहले सरकारें भी दहेज हत्या को लेकर बहुत संवेदनशील थी, पर आज ऐसा नहीं है,
Ques—- वृंदा जी आपको लगता है ओवर द टाइम पीरियड ये बिलकुल नहीं बदला ट्रेंड क्योंकि आज की फैमिली आज की लड़कियां पढ़ी लिखी भी है। इकोनमिकली भी इंडिपेंडेंट है। आपको लगता है कहीं कुछ चेंज नहीं हुआ है।
Ans—- चेंज क्यों नहीं हुआ है? चेंज जरूर हुआ है। लेकिन पुरुष प्रधानता समाज चेंज नहीं हुआ, लड़कियों को इज्जत के नाम पर चुप करा देना ये ट्रेंड चेंज नहीं हुआ,जब लड़की बोलेगी तब उसके मां-बाप के ऊपर अभी भी 10 लोग हैं जो कोसेंगे और कहेंगे अरे इसकी लड़की तो घर आ गई। बिल्कुल जी तो मां-बाप भी लड़की के ऊपर दबाव डालते हैं। थोड़ा देख लो। हमने इतना खर्च किया तुम्हारी शादी में। हमने गाड़ी दी, हमने मकान दिया, हम कर्जा लेकर तुम्हारी शादी की। तुम घर आ जाओगे तो वो सारा हमारा इन्वेस्टमेंट खत्म हो जाएगा।
