बिहार में पिछले 20-25 सालों से JDU मुखिया नीतीश कुमार पर चाहे कोई भी आरोप लगा हो पर बेईमान होने का टैग कभी नहीं लगा और अभी तक नीतीश कुमार की ईमेज एक ईमानदार नेता की ही बनी हुई है और उनके बारे में यह भी कहा जाता है कि राजनीती रूपी कीचड़ में रहने के बाद भी उनपर बेईमानी का दाग नहीं लगना बहुत बड़ी बात है और शायद यही कारण है कि बिहार की जनता उन्हें पसंद करती हैं पर दूसरी तरफ विपक्ष नीतीश की इसी पसंददीदा छवि को खराब करने के लिए कोशश में लगा रहता है कि किसी तरह नीतीश को जनता की नजरों में बेईमान साबित कर दिया जाए, अब हाल ही में आई कैग रिपोर्ट को लेकर विपक्ष ने नीतीश कुमार सरकार पर महाघोटाले का आरोप लगाया है बाकायदा पटना में इसके बड़े पोस्टर लगा दिए गए हैं। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि नीतीश सरकार ने 70 हजार करोड़ का महाघोटाला किया है। आपको बता दें कि यह यह आरोप नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी (CAG) की एक रिपोर्ट के आधार पर किया जा रहा हैं, जिसमें बिहार के कईं विभागों की ओर से फंड की उपयोगिता रिपोर्ट जमा न करने का उल्लेख है। कमाल की बात तो ये हैं कि बिहार में कांग्रेस लालू के साथ विपक्ष में बैठी है पर कांग्रेस नेता RJD के मुखिया लालू यादव के घोटाले को भी याद कर रहे हैं , जी हां कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा दावा करते हैं कि यह कथित घोटाला लालू यादव के शासनकाल में हुए ₹903 करोड़ के चारा घोटाला से 70 गुना से भी ज्यादा है और बिहार के सालाना बजट का लगभग एक तिहाई है। इससे पहले तेजस्वी यादव ने भी इस मुद्दे को हाल ही में विधानसभा सत्र में भी उठाया था अब देखना यही है कि बिहार चुनाव के दौरान यह विपक्ष के लिए एक बड़ा हथियार बनता है या फिर बिहार की जनता नीतीश की ईमानदारी को देखते हुए इसे सिरे से ठुकरा देगी।

सोनिया गांधी-चिदंबरम को देश से माफी मांगनी चाहिए


क्या देश में भगवा आतंकवाद कभी रहा है या फिर एक साजिश के तहत इसे हवा दी गई, जी हां जब से Malegaon Blast Case में NIA ने सबूतों के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया। इसमें पूर्व बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा भी हैं, बस इसी कारण यह विषय चर्चाओं में है और इसको लेकर बीजेपी के नेता जमकर कांग्रेस पर बरस रहे हैं, बीजेपी नेता अमित मालवीय ने एक्स पर लिखा है कि “हिंदू कभी आतंकी नहीं हो सकता, अपने समय में कांग्रेस ने वोटबैंक की राजनीति के लिए भगवा आतंकवाद का झूठा नैरेटिव गढ़ा थानि, र्दोषों पर फर्जी केस थोपे अमित मालवीय रूके नहीं और लिखा कि सोनिया गांधी, पी. चिदंबरम और सुशीलकुमार शिंदे नेताओं को सनातन धर्म को बदनाम करने के लिए हिंदुओं से माफी मांगनी चाहिए। इस केस की मुख्य आरोपी पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा ने इसपर बड़ा इमोशनल बयान दिया और कहा कि कि मेरा जीवन बर्बाद कर दिया, मुझे अपमानित किया, आतंकी बना दिया, लेकिन दूसरी तरफ इस फैसले से aimim के प्रमुख सासंद असदुद्दीन ओवैसी निराश हैं उन्होंने लिखा कि मालेगांव विस्फोट मामले का फैसला निराशाजनक है। विस्फोट में छह नमाजी मारे गए उन्हें किसने मारा और लगभग 100 घायल हुए थे, साफ है उन्हें उनके धर्म के कारण निशाना बनाया गया। औवेसी ने आरोप भी लगाया कि जानबूझकर की गई घटिया जांच के कारण सब बरी हुए हैं। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार को घेरते हुए यह भी पूछा कि क्या इसके खिलाफ सरकार अपील करेगी।

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