Congress अरूण जेटली से लें सबक और बंगला खाली करें या

 

कांग्रेस के पुराने  कार्यालय ,  24 अकबर रोड  खाली कराए जाने को लेकर सरकार ने 28 तारीख का अल्टीमेटम दिया है उसके खिलाफ या उसके विरोध में कांग्रेस ने अपनी नाराजगी जाहिर की है और यह कहा है
कि वह इस मामले को लेकर के अदालत में जा सकते हैं। अदालत में जा सकते हैं,  यह कंग्रेस का  संवैधानिक अधिकार है। लेकिन इस मामले को लेकर के कांग्रेस  ने  चीख पुकार मचाना शुरू कर दिया है?  कांग्रेस के , 2025 में सरकार ने संसद में बयान देकर के बताया था कि कांग्रेस के पास दो सरकारी बंगले हैं जिन पर  अपने कार्यालय चलाती है। एक 24 अकबर रोड दूसरा पांच राजसीना रोड। पहले एक और बंगलो
था 28 अकबर रोड जहां पर कांग्रेस सेवा दल का कार्यालय चलता था जिसको 2022 में खाली कर दिया करा दिया गया था। अब एक तरफ जहां राहुल गांधी ने जब उनकी उनको डिसक्वालीफाई किया गया था तो हाई मोरल ग्राउंड दिखाते हुए उन्होंने अपना घर खाली कर दिया था पर दूसरी तरफ अब दो में से एक  कार्यालय को खाली करने में नानुकुर  किया जा रहा है और अदालत में जाने की बात कही जा रही है। सरकार ने बताया कि ये दो बंगलो उनके पास अभी भी कब्जे में है। जबकि कांग्रेस का अपना जो इंदिरा भवन कार्यालय है वो बन चुका है और वहां शिफ्ट भी हो चुका है। वहां पर वो अब हालांकि वो दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर है। लेकिन दीनदयाल उपाध्याय मार्ग को कांग्रेस को स्वीकार करना मुश्किल होगा। इसलिए उसका पता कुछ अलग किया गया है। लेकिन कांग्रेस से एक  बंगला खाली कराए जाने के मामले पर विवाद बढ़ रहा है और  है और  यह भी कहा जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी ने अपना पुराना 11 जो अशोक रोड है उसको नहीं खाली किया है। तो कांग्रेस को जानकारी का अभाव है   क्योंकि  वह अब विजय पांडा के नाम पर अलॉटेड है और इसके पहले भी जब अरुण जेटली को नौ अशोक रोड अलॉटेड था तो उन्होंने उसको अपने ऑफिशियल रेजिडेंस के नाम पर कभी नहीं इस्तेमाल किया। वो पार्टी के तौर प इस्तेमाल करता रहा करती रही। इसी तरह से अगर कांग्रेस चाहती है कि वो उनके पास रहे तो वो अपने किसी सांसद के नाम पर उसको अलॉट करके उसको इस्तेमाल करें। लेकिन पार्टी के कार्यालय के नाम पर या पार्टी के नाम पर, राष्ट्रीय पार्टी के नाम पर इस तरह की मांग करना अनुचित है।

 

West Bengal – दो पीडि़त महिलाओं को टिकट TMC खेमे में क्यों मची खलबली

 

भारतीय जनता पार्टी  ने  आरजी कार हॉस्पिटल की रेप विक्टिम की   मदर चुनाव  टिकट देनकर बंगाल की राजनीती में हलचल पैदा कर दी है।  अब ये किसी भी राजनीतिक दल का अपना अधिकार होता है कि वो किसको टिकट दे किसको नहीं दे। भारतीय जनता पार्टी ने ना केवल इनको चुनाव में उतारा है बल्कि संदेश खली कि उस  महिला विक्टिम को भी चुनाव में उतारा। उसको लोकसभा में उतारा था, अब  विधानसभा में उतारा है। जिसके साथ सेक्सुअल अब्यूज किया गया था।इसको लेकर जबरदस्त  विरोध भी लोग कर रहे हैं जाहिर हैं टीएमसी के लोग हैं। कह रहे हैं कि  इमोशनल मामले को उठाने की कोशिश की जा रही है।
लेकिन इस बात को जो बात कर रहा है उसको समझना चाहिए कि इस केस में जो सरकार को डिफेंड कर रही थी मनेका गुरुस्वामी  उनको तृणमूल कांग्रेस ने
राज्यसभा भेजा है। तो अगर तृणमूल कांग्रेस किसी ऐसे व्यक्ति को राज्यसभा भेज सकती है जो आरजी कार के विक्टिम को बचाने,  सरकार को डिफेंड करने की कोशिश कर रही थी तो बीजेपी का ये कदम कहां से गलत हो सकता है।
रही है और मनिका जो है वो अपने आप को सामाजिक मतलब एक्टिविस्ट वो करती हैं। रेप  विक्टिम लडकी  के पिता शेख रंजन शेखर रंजन देवनाथ ने भी  इसका स्वागत किया है और कहा है कि इससे
लोगों को जो है एक उम्मीद जगेगी और लोग पनिहारी में वोट करेंगे , वैसे सबको ही पता है कि  31 साल की महिला डॉक्टर थी  जिसका बलात्कार करके उसकी
हत्या कर दी गई थी और सरकार पर उस हत्या के साक्ष्य को मिटाने का आरोप है और सरकार उन लोगों के खिलाफ उन लोगों के साथ खड़ी नजर आई थी जो इसमें शामिल थे। वहां का   प्रिंसिपल था, प्रिंसिपल को जिस तरह से
डिफेंड किया गया, उसको नई पोस्टिंग दी गई, यह सारी चीजें हुई।
है ईरान ईरान और अमेरिका युद्ध को लेकर।

 

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