Bihar —क्या अब नहीं चाहिए स्वर्णां का साथ

बिहार में उपमुख्यमंत्री रहे विजय कुमार सिन्हा को साइड करके सम्राट चौधरी को गद्दी देना और विजय कुमार सिन्हा की सुरक्षा घटाने इन दो बड़ी घटनाओं से बिहार में दो चर्चाएं बड़ी तेजी से चल निकली हैं पहला क्या बीजेपी आलाकमान को लगने लगा है कि अब उन्हें सवर्ण वोटरों को खुश करने की जरूरत नहीं है, इसलिए विजय सिन्हा को किनारे कर अपना फोकस शिफ्ट कर लिया है। आपको बता दें कि बिजय सिन्हा स्वर्ण समुदाय से आते हैं और दूसरा जब उनकी सुरक्षा घटी है तो ये भी माना जा रहा है कि क्या नीतीश कुमार के दबाव में नया मुख्यमंत्री बनाया गया है और क्या विजय कुमार सिन्हा को किनारे करने के पीछे नीतीश कुमार का उनके लिए गुस्सा है। जी हां हाल ही में विजय कुमार सिन्हा की सुरक्षा को जेड प्लस से बदल कर Z कर दिया गया है , पर इसके लिए कहा यही जा रहा है कि चुंकि अब वो उप मुख्यमंत्री नहीं हैं, इसलिए Z प्लस सुरक्षा नहीं मिल सकती। लेकिन इन बदली नीतियों को बदले की कार्रवाई ही माना जा रहा है और विजय कुमार सिन्हा के डिमोशन के पीछे सिर्फ और सिर्फ नीतीश का ही हाथ है। उस किस्से को भी याद किया जा रहा है जब साल 2022 में एक डीएसपी के सवाल पर सीएम नीतीश कुमार और विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिंह आमने सामने हो गए थे और तब नीतीश ने जमकर विजय कुमार सिन्हा की क्लास ली थी। वैसे बिहार बीजेपी के कईं कद्दावर नेता यह भी मानते हैं कि विजय कुमार सिन्हा का गुस्सैल स्वभाव ही उनका सबसे बड़ा दुश्मन रहा है , इसके लिए कभी वो नीतीश से भिड़ जाते थे कभी सम्राट चौधरी से, और इन नेताओं का मानना है कि अब समय बदला है और दोनों ही मिलकर विजय सिन्हा से बदला निकाल रहे हैं और पार्टी आलाकमान भी इस तरफ ज्यादा ध्यान नहीं दे रही।
