UP -इन दोनों की जुगलबंदी उड़ा सकती योगी-अखिलेश की नींदे
अभी तक माना जा रहा था कि यूपी में आगामी सत्ता की लडाई बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच ही रहेगी , कांग्रेस तो यहां से गायब ही मानी जा रही है, पर जिस तरह से हाल -फिलहाल में यहां पर दलित वोटों को लुभाने के लिए बहन मायावती के साथ साथ भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर काफी सक्रिय हो रहे हैं, उससे लगने लगा है कि चुनावों में ये फैक्टर बीजेपी के साथ समाजवादी पार्टी को भी टक्कर देगा। एक तरफ मायावती लगातार सोशल मीडिया के जरिए दलितों की आवाज बनने में जुटी हुई हैं, अपना संगठन मजबूत करने के लिए लगातार बैठकें कर रही हैं, उन्होंने एक तरफ अपने युवा नेता आकाश आनंद को आगे बढ़ा दिया है और दूसरी तरफ उनके ही ससुर और बीएसपी के कद्दावर नेता और 6 राज्यों के कोऑर्डिनेटर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकाल दिया, साफ लग रहा है कि मायावती इस बार यूपी चुनाव में किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहती हैं और पार्टी विरोधी गतिविधियों पर कड़े कदम उठा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ चंद्रशेखर आजाद भी अब सदन से लेकर सड़कों तक दलितों के मुद्दों उठा रहे हैं। चंद्रशेखर ने तो यूपी चुनाव के लिए अभी से 45 सीटों पर अपनी पहली सूची जारी कर दी है जिसमें 18 दलित, 16 ओबीसी (OBC), 10 मुस्लिम और 1 सिख चेहरे को मैदान में उतारा गया है। मायावती और चंद्रशेखर का इतना एक्टिव होना योगी और अखिलेश दोनों के लिए चिंता का विषय बन सकता है क्योंकि मायावती और चंद्रशेखर दोनों ही अपने परंपरागत दलित वोट तक ही सीमित नहीं हैं बल्कि वह समाजवादी पार्टी के पीडीए यानी पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक वोटरों में भी सेंध लगाने की कोशिश में जुटे हैं। समीकरण में भी राजनीतिक सेंध की कोशिश कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उम्मीदवारों का यह सामाजिक संतुलन सोची-समझी चुनावी रणनीति का हिस्सा है।
Bhopal -चुनाव रिजल्ट से ठीक पहले congress ने क्यों उठाया ये कदम

भोपाल दतिया उपचुनाव में जैसा की सबको ही पता है कि इस सीट पर बीजेपी और कांग्रेस दोनों के बीच ही मुकाबला है, और दोनों ही दल इसे पाने के लिए लगातार कोशिश भी कर रहे हैं, पर अचानक नतीजों से ठीक एक दिन पहले कांग्रेस ने अपने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित करके सबको चौंका दिया है। आपको बता दें कि कांग्रेस के इस सीट पर खड़े उम्मीदवार घनश्याम सिंह लगातार राजेंद्र भारती पर भितरघात का आरोप लगा रहे थे, पर इसपर कांग्रेस ने चुनाव के दौरान कोई कारवाई नहीं की। लेकिन अचानक आज रिजल्ट आने से ही पहले ही पार्टी आलाकमान ने अपने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। मतगणना से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई से कांग्रेस राजनीती में हलचल बढ़ा दी है। वैसे अभी तक इस निलंबन की सही वजह सामने नहीं आ पाई है।वैसे यह सीट शुरू से ही काफी रोचक लड़ाई दे रही है, पहले बीजेपी ने यहां से नरोतम मिश्रा का टिकट काट दिया जिससे लोकल बीजेपी खेमे में काफी बगावत हुई और अब कांग्रेस ने अपने पूर्व विधायक को ही पार्टी से बाहर कर दिया।
