CONGRESS का नया दांव BJP को झुकाने के लिए भगवान का भी बंटवारा
माना जाता है कि दक्षिण राज्यों में Literracy Rate सबसे ज्यादा है, मतलब यहां के लोग ज्यादा पढ़े-लिखे माने जाते हैं लेकिन ज्यादा पढ़ने लिखने के बाद भी कोई अपनी सभ्यता, अपने धर्म का अपमान करता रहे तो यही माना जाएगा कि गलती से कुछ नहीं हो रहा बल्कि जानबूझकर ऐसा किया जा रहा है, अभी तक तमिलनाडू सरकार के पूर्व नेताओं ने हिंदू धर्म के खिलाफ काफी अप शबद कहे, इसकी तुलना डेंगू -मलेरिया से कर दी और अब तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने धर्म विरोधी एक बयान देकर सियासी हलचल तेज कर दी है। रेवंत रेड्डी शायद भाजपा पर तंज कसना चाह रहे थे उसे निशाना बना रहे थे लेकिन अपने शब्दों में खुद उलझ कर रह गए। उन्होंने अपने एक बयान में भाजपा नेताओं के लिए कहा कि वो बार-बार ‘जय श्री राम’ का नारा तो लगाते हैं, लेकिन ‘हर हर महादेव’ का नारा क्यों नहीं लगाते।रेवंत रेड्डी रूके नहीं और कहा कि क्योंकि राम अमीरों के भगवान, शिव गरीबों के, इसलिए बीजेपी हर-हर महादेव नहीं बोलती, यही नहीं रेवंत रेड्डी ने देश को बांटने पर भी एक विवादित बयान दे दिया। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत के लोग द्रविड़ हैं और उत्तर भारत के लोग आर्य हैं। बीजेपी के केंद्रीय मंत्री संजय कुमार बंदी ने इसपर पलटवार करते हुए कहा कि अब कांग्रेस के नेता धर्म का सहारा लेकर भगवान राम और भगवान शिव के बीच राजनीतिक विभाजन करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन आश्चर्य की बात है कि रेवंत रेड्डी के इस तरह के विवादित बोल पर ना हर विष्य पर अपनी राय रखने वाले राहुल गांधी को कोई बयान सामने नहीं आया, इसे कहते हैं हाथी के दांत दिखाने के ओर खाने के कुछ ओर
