UP में गूंजा एक नारा – 200 सीट पर हक है हमारा- यूपी को भरोसा राहुल के नेतृत्व 

यूपी में एग्जैक्टली कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच क्या चल रहा है, क्योंकि जिस तरह की बयान सामने आ रहे हैं, जिस तरह के पोस्टर सामने आ रहे हैं, उससे साफ लग रहा है कि सीटों को लेकर अंदर ही अंदर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच काफी खींचातानी चल रही है। और बिल्कुल हाल की ही घटना है कि यूपी के कई बड़े इलाकों में अमेठी है, सुल्तानपुर है, रायबरेली है लखनऊ में पोस्टर्स होर्डिंग्स लग गए हैं। जिसमें लिखा गया है 200 सीट पर हक है हमारा। यूपी को भरोसा राहुल के नेतृत्व पर और जैसे ही यह होर्डिंग सामने आए हैं, पोस्टर्स सामने आए हैं, हलचल मच गई है। दोनों ही तरफ हलचल मच गई है। हालांकि इसको लेकर किसी तरह का बयान कांग्रेस का सामने नहीं आया है। क्योंकि जिस तरह की चर्चाएं और बयान लगातार कांग्रेस के नेता जो हैं यूपी के प्रभारी हैं राजेंद्र पाल गौतम दे रहे हैं कि हम 200 से ज्यादा सीट पर चुनाव लड़ेंगे। उसको देखकर लगता है कि कहीं ना कहीं इस होर्डिंग को जो पोस्टर्स लगे हैं उसको कहीं ना कहीं राजामंदी मिली हुई है कांग्रेस के आलाकमान की तरफ से। हो सकता है ऊपरी तौर पर वो इसका खंडन करें। लेकिन अंदर ही अंदर इतनी बड़ी संख्या में और अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग शहरों में इस तरह के पोस्टर लगना, होर्डिंग्स लगना बहुत बड़ी बात है।

 प्रियंका गांधी  निवास पर  बैठक में हुई   125 से 140 सीटों पर बात 

इससे पहले इससे अभी एक हफ्ता पहले ही  प्रियंका गांधी के निवास पर एक बैठक हुई थी जिसमें कहा गया था कि 125 से 140 सीटों की जो लिस्ट है जो चर्चाएं चली थी बाहर बातें छन कर आई थी न्यूज़ छनकर आई थी इस मीटिंग के बाद उसमें कहा गया था कि 125 से 140 की जो सीटें हैं उसकी लिस्ट समाजवादी पार्टी को दी जाएगी और उसी पर चर्चा हुई जो बैठक प्रियंका गांधी ने अपने घर पर ली और उसमें राजेंद्र पाल गौतम जो यूपी के प्रभारी है कांग्रेस के वो मौजूद थे। इमरान मसूद मौजूद थे और कई यूपी के जानेमाने कद्दावर नेता कांग्रेस के मौजूद थे,  उसके बाद ये न्यूज़ सामने आई कि 125 से 140 सीट पर लड़ेंगे।  अचानक एक हफ्ता में ऐसा क्या हो गया कि वो 140 सीट बढ़कर अब 200 सीट पहुंच गई हैं और उसके होर्डिंग्स यूपी में जगह-जगह लग गए हैं और साफ कहा जा रहा है कि इतनी सीटों पर कांग्रेस चुनाव लड़ना चाहती है। तो अगर देखा जाए यूपी में कांग्रेस को जो बड़े लीडर्स हैं एक तरफ राहुल गांधी हैं, प्रियंका गांधी है, कुछ और बड़े नेता हैं सेंटर के, उन जो वह कह रहे हैं, उनकी कथनी बिल्कुल अलग है। जो और जो लोकल लेवल पर जो लीडर्स हैं, जो प्रभारी हैं यूपी के राजेंद्र पाल गौतम, जो कह रहे हैं कि हमको 200 सीट लड़नी है और कई बार वो कह भी चुके हैं। इस तरह के बयान देके सामने आ चुके हैं। जिसको बाद में प्रियंका गांधी या राहुल गांधी की तरफ से एकनॉलेजमेंट नहीं मिलती है। लेकिन बड़ी बात यह है और जनता यह समझती है कि अगर यूपी का प्रभारी है जो जो हाल ही में बदला गया है अजय राय की जगह राजेंद्र गौतम को बदला गया है और काफी कंट्रोवर्सी हुई थी ,तो अब ये सीटों को लेकर आलाकमान यानी  प्रियंका गांधी राहुल  या सोनिया गांधी या खरगे जी की राजामंदी के बिना अपनी तरफ से कोई इतना बड़ा बयान नहीं दे सकता और खासतौर पर उस पार्टी के लिए जिस पार्टी के साथ कांग्रेस गठबंधन करना चाहती है। बातें बहुत अच्छी हो रही है ऊपर की सतह पर लेकिन अंदर ही अंदर यह जो गुटबाजी है और यह भी खुलकर सामने आ गई और जब से होर्डिंग्स का मामला सामने आया है राजनीति है बहुत ज्यादा गहरा गई है।

अखिलेश यादव ने कहा कि BJP की चाल है इस नारे के पीछे

पर जैसे ही ये होर्डिंग्स की बात सामने आई अखिलेश यादव का तुरंत एक बयान आ गया कि ये जो है होर्डिंग्स जो है ये बीजेपी की तरफ से लगाई जा रही है। भ्रम फैलाने की कंफ्यूजन फैलाने की कोशिश की जा रही है और समाजवादी पार्टी और जो कांग्रेस के नेता हैं उनमें आपस में लड़ाई फैलाने की कोशिश मतलब यही है कहने का कि भ्रम फैलाया जा रहा है बीजेपी लीडर्स की तरफ से। अब जाहिर सी बात है बीजेपी ने इस पर साफ कहा है कि हमें इससे क्या लेना देना है? आपको गठबंधन कांग्रेस से करना है। आप कीजिए। आप उनको 200 सीट दीजिए। 100 सीट दीजिए। इसमें हमारा क्या लेना देना? और साथ के साथ वो तंज भी कस दिया है कि चारपाई का एक पाया तक टूटता है  तो अखिलेश यादव इसके लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहरा देते हैं। लेकिन अखिलेश यादव लगातार  साफ-साफ कह रहे हैं   कि कांग्रेस हमें वो सीटों की लिस्ट भेजे जहां वो श्योर है कि वो जीत कर आएगी और अखिलेश यादव इशारों इशारों में कई बार यह भी कह चुके हैं कि सीटों की दावेदारी के लिए अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं कांग्रेस की तरफ से जो अपने आप में बहुत कंफ्यूजिंग है और जबकि अखिलेश यादव अब यह बात बहुत क्लियर कर चुके हैं कि वो सीट पर कांग्रेस दावेदारी पेश करे जिस सीट पर जीतने का पूरा भरोसा है। तो ऐसे में दोनों ही तरफ से अपनी सीटों को लेकर के एक तरह से जो अब सबको पता है कि यूपी में जो सीट है 400 से ज्यादा कुछ सीट ज्यादा है बस 400 से उसमें से क्या अखिलेश यादव 200 सीट कांग्रेस को दे देंगे कतई नहीं। बिल्कुल साफ है कि क्योंकि अखिलेश यादव को पता है कि यूपी में और लोग भी जानते हैं यह खुद अंदर ही अंदर बात है। सामने भी बात है कि यूपी में अगर कोई बीजेपी को टक्कर दे सकता है तो वो समाजवादी पार्टी है। अखिलेश यादव है। बाकी कांग्रेस और मायावती और जो छोटे-छोटे दल हैं उनकी कोई वहां पर से नहीं है। और यह बात अखिलेश यादव अच्छी तरह से जानते हैं कि अगर उन्होंने थोड़ी सी भी ज्यादा सीट कांग्रेस को दी तो जो रिजल्ट आएगा वह बिल्कुल ठीक नहीं आएगा क्योंकि समाजवादी पार्टी को उम्मीद है कि अपने दम पर वो फिर भी सीटें ला सकते हैं लेकिन कांग्रेस पर भरोसा करके वो सीटें नहीं ला सकते। दूसरी बात इसमें यह भी सामने आ रही है कि अखिलेश यादव को यह भी डर है जिस तरह से राहुल गांधी पिछले दिनों काफी एक्टिव हो रहे हैं  सी जो आंदोलन हुआ है जंतरमंतर पर उसको लेकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी काफी ज्यादा एक्टिव हैं , राहुल गांधी  उभरे हैं युवा वर्ग में। ऐसे में अखिलेश यादव को यह भी डर है कि  अगर कांग्रेस को थोड़ी ज्यादा सीट दे दी और राहुल की जो पॉपुलैरिटी हुई है, प्रियंका गांधी की जो पॉपुलैरिटी हाल  फिलहाल में हुई है, उस कारण से अगर थोड़ी बहुत सीट कांग्रेस जीतने में कामयाब हो गई तो समाजवादी पार्टी की जो पैठ  है , बड़े भाई की जो भूमिका है यूपी में जो दबदबा है, तो कहीं उनका ए टीम का जो तबका है समाजवादी पार्टी का वो छोटे भाई ना बन जाए। मतलब यूपी में कांग्रेस बड़ा भाई या ए टीम ना बन जाए और अखिलेश यादव की जो पार्टी है समाजवादी पार्टी वो बी टीम ना बन जाए। तो दो तरह के जो डर हैं वो अखिलेश यादव के साथ लगे हुए हैं।

क्या प्रियंका निभाएंगी अहम रोल सीट बंटवारे के पीछे 

यह सभी जानते हैं पिछले बार जब 2017 में चुनाव हुए थे सीटों को लेकर के जो कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच जो एक तरह से मतभेद बिल्कुल उभर कर सामने आ गए थे और लग रहा था कि गठबंधन बिल्कुल टूटने के कगार पर है। उस समय पता यह चला था कि प्रियंका गांधी ने पर्सनली अखिलेश यादव को फोन किया था और उनके फोन के बाद जो गठबंधन में सीटों का बंटवारा है वह फाइनल हो पाया था और अब भी अगर आप देखिए तो यूपी को लेकर प्रियंका गांधी काफी एक्टिव है और पिछले सप्ताह जो बैठक हुई उसमें प्रियंका गांधी के घर पर वो बैठक गई और उसमें इमरान मसूद जो यूपी के बहुत ही कद्दावर सांसद हैं और  जो राजेंद्र पाल गौतम है जिनको हाल फिलहाल में नियुक्त किया गया वो मौजूद थे ,तो अभी भी देखा यही जा रहा है कि राहुल की बजाय यूपी में प्रियंका गांधी कुछ ज्यादा ही एक्टिव है और इसके पीछे कारण शायद यही माना जाता है कि प्रियंका गांधी की ट्यूनिंग अखिलेश यादव से कुछ ज्यादा है और समझदारी जो है प्रियंका गांधी में कुछ ज्यादा मानी जाती है, वह शालीनता से  अपनी बात मनवा लेती हैं और यही उन्होंने 2017 में किया और यही अब लगता है कि जिस तरह से खबरें सामने आ रही है और 200 की बात सामने आ गई है जो किसी भी कीमत पर समाजवादी पार्टी नहीं देगी। तो देखना यही है कि प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव की कब बैठक होती है और कितनी सीटों पर दोनों का एक जो होता है समझौता होता है तालमेल बैठता है