UP अखिलेश का वार उनपर ही पड़ा भारी

यूपी में चुनाव होने वाले हैं और सियासत जमकर होनी शुरू हो गई है, कोई भी दल खासकर समाजवादी पार्टी कोई ऐसा मौका नहीं छोड़ती जब सरकार को घेरा ना जाए। अभी योगी के संवाददाता सम्मेलन में एक महिला की ओर से हंगामा करने को भी राजनीती से प्रेरित बताया जा रहा है और कहा जा रहा कि समाजवादी पार्टी ने इस तरह को हंगामा करवाया, क्योंकि चर्चाएं यही हैं कि इस महिला ने कोई प्रशन पूछने की बजाया योगी जी को दो-तीन बार आवाज दी, अपनी रील बनाई और मुस्कुराते हुए निकल गई । और एक बार फिर अखिलेश यादव की सरकार को बदनाम करने की कोशिश पानी हो गई, जी हां हुआ यूं कि योगी सरकार को घेरने के लिए अखिलेश ने हाल ही में बारिशों में काशी में जलभराव और गलियों में जल इक्ट्ठा होने की तस्वीर तुरंत इंटरनेट मीडिया में इसे पोस्ट कर दि और सरकार के काम पर सवाल खड़े कर दिए पर उनकी यह कोशिश उनपर ही भारी पड़ गई क्योंकि बनारस के महापौर अशोक तिवारी ने उन्हें पलटवार करते हुए बोला कि उन्हें बनारस के बारे में कम जानकारी है, अखिलेश को बिना सही जानकारी के वीडियो साझा नहीं करना चाहिए। महापौर ने बताया कि सीवर लाइन में बोरी मिलने के मामले में जलकल विभाग प्राथमिकी दर्ज करा चुका है और सीवर को कूड़े-करकट और अन्य सामग्री से ढके जाने की बात सामने आई है जिसपर जांच शुरू हो गई है, महापौर ने साफ कहा कि इन गतिविधियों के लिए कौन जिम्मेदार है, इसका निर्णय जांच पूरी होने के बाद ही होगा और कड़ी कारवाई की जाएगी।

 

क्या लालू यादव ने गलत हाथों में सौंपी कमान

तेजस्वी यादव के हाथ rjd की कमान तो आ गई पर इसके कारण उन्होंने एक तरफ अपने बहन- भाईयों की पूरी तरह उपेक्षा की और दूसरी तरफ पार्टी में भी कईं विवादों को जन्म दिया और चर्चाएं चलती रहती है कि तेस्जवी के हाथ क्या RJD का भविष्य सुरक्षित है. जी हां देखा जाए तो तेजस्वी यादव जब से RJD में ‘पावर सेंटर के पद पर बैठे हैं तब से लगातार पार्टी के अंदर विवाद ही चल रहे हैं। सबरे पहले उनकी बहन रोहिणी आचार्य ने ही उनपर टिकट वितरण को लेकर गंभीर सवाल उठाए, फिर 2022 के MLC चुनाव में दरभंगा में RJD उम्मीदवार के विरोध में जबर्दस्त हंगामा हुआ। पार्टी के बैनर पोस्टर फाड़ दिये गये।फिर उसके बाद जून 2026 में हुए MLC चुनाव में भी RJD के वरिष्ठ नेता शिवचंद्र राम ने खुलेआम आरोप लगा दिया था कि वादा करने के बाद भी आखिरी समय में उनका टिकट काट दिया गया। उन्होंने बिना नाम लिये तेजस्वी यादव पर तंज कसा था, और अब सितंबर 2026 में होने वाले MLC चुनाव में भी RJD के भीतर जबरदस्त टकराव है, सबसे पहले रोहिणी आचार्य ने ही टिकट वितरण पर कह दिया कि इससे अवसरवादी चेहरों को प्रथामिकता और समर्पित कार्यकर्ताओं का अपमान किया जा रहा है, बताया जा रहा है कि RJD ने जनसुराज, कांग्रेस और JDU से आये तीन नेताओं को उन्मीदवार बनाया है, जिससे पार्टी के अंदर काफी गुस्सा है , नेता लोग खुलकर बोल रहे हैं कि लालू यादव ने गलत आदमी के हाथ पार्टी की कमान सौंप दी है।